मीरा की नगरी मेड़ता को मिलेगी नई पहचान, राजस्थानी शान और आधुनिक सुविधाओं से सजेगा रेलवे स्टेशन

मीरा की नगरी मेड़ता को मिलेगी नई पहचान, विरासत और आधुनिक सुविधाओं का संगम बनेगा रेलवे स्टेशन

जोधपुर। संत शिरोमणि मीरा बाई की जन्मस्थली मेड़ता अब रेलवे मानचित्र पर एक नई और भव्य पहचान हासिल करने जा रही है। केंद्र सरकार की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत मेड़ता रोड रेलवे स्टेशन का व्यापक पुनर्विकास किया जा रहा है, जिसमें राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक यात्री सुविधाओं का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहे इस स्टेशन को पारंपरिक राजस्थानी स्थापत्य शैली में सजाया जा रहा है। स्टेशन भवन के डिजाइन में झरोखे, कलात्मक मेहराब, जालीदार नक्काशी, पारंपरिक चित्रांकन और मरुस्थलीय रंगों का समावेश किया जा रहा है, जिससे यह स्टेशन राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बन सके।

जोधपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि स्टेशन के ढांचागत निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है और वर्तमान में फिनिशिंग का काम तेजी से चल रहा है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा। रेलवे का उद्देश्य स्टेशन को केवल यातायात का केंद्र नहीं, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतिनिधि स्थल बनाना है।

मीरा बाई की विरासत को मिलेगा विशेष स्थान

विश्वभर में भक्ति आंदोलन की महान कवयित्री मीरा बाई की जन्मभूमि के रूप में प्रसिद्ध मेड़ता की सांस्कृतिक पहचान को स्टेशन परिसर में विशेष रूप से उकेरा जाएगा। स्टेशन पर मीरा बाई के जीवन, उनकी कृष्ण भक्ति, काव्य साधना और मेड़ता की सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े कलात्मक तत्व विकसित किए जाएंगे, ताकि यहां आने वाले यात्रियों को क्षेत्र की ऐतिहासिक और साहित्यिक विरासत से परिचित कराया जा सके।

यात्रियों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

पुनर्विकास कार्यों के तहत स्टेशन पर आधुनिक यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। आकर्षक प्रवेश द्वार, विस्तृत सर्कुलेटिंग एरिया, सुगम ड्रॉप-ऑफ जोन और बेहतर यातायात प्रबंधन की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसके अलावा प्लेटफॉर्मों पर आधुनिक शेल्टर, उन्नत प्रकाश व्यवस्था, आरामदायक बैठने की सुविधा, डिजिटल सूचना डिस्प्ले बोर्ड और बेहतर फ्लोरिंग का निर्माण किया जा रहा है।

यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर लिफ्ट, चौड़े फुट ओवर ब्रिज, वातानुकूलित एवं सामान्य प्रतीक्षालय, दिव्यांगजन-अनुकूल शौचालय, स्वच्छ पेयजल, निःशुल्क वाई-फाई तथा आधुनिक साइनेज प्रणाली भी उपलब्ध कराई जाएगी। दिव्यांग यात्रियों के लिए रैंप और टैक्टाइल पाथ जैसी विशेष सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।

स्थानीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

रेलवे की ?एक स्टेशन एक उत्पाद? योजना के तहत स्टेशन परिसर में स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों के लिए विशेष कियोस्क स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही हरित क्षेत्र, लैंडस्केपिंग, फूड कोर्ट, बेहतर पार्किंग व्यवस्था और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।

जोधपुर मंडल में तेजी से बदल रही स्टेशन की तस्वीर

हाल ही में मंडल रेल प्रबंधक और उनकी टीम ने मेड़ता रोड, रेण और डेगाना स्टेशनों पर चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इन स्टेशनों पर भी लगभग 15 से 17 करोड़ रुपये की लागत से प्लेटफॉर्म उन्नयन, फुट ओवर ब्रिज, अंडरपास, सर्कुलेटिंग एरिया और अन्य यात्री सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।

राजस्थान की विरासत और आधुनिक भारत का प्रतीक बनेगा मेड़ता रोड

रेलवे के अनुसार, एक महत्वपूर्ण जंक्शन होने के कारण मेड़ता रोड स्टेशन के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लक्ष्य है कि यह स्टेशन केवल ट्रेन पकड़ने का स्थान न रहकर यात्रियों के लिए एक आधुनिक, सुविधासंपन्न और सांस्कृतिक अनुभव का केंद्र बने। आने वाले समय में मेड़ता रोड स्टेशन राजस्थान की गौरवशाली विरासत और आधुनिक भारत की प्रगतिशील सोच का शानदार उदाहरण बनकर उभरेगा।