12 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंचे रेलकर्मी, पिंडारी ग्लेशियर ट्रैक से लौटे रोमांच और नई ऊर्जा के साथ

जयपुर। उत्तर रेलवे ट्रैकिंग एवं माउंटेनियरिंग एसोसिएशन (एनआरटीएमए) द्वारा आयोजित पिंडारी ग्लेशियर जीरो पॉइंट ट्रैकिंग अभियान 23 से 30 मई तक सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उत्तराखंड के दुर्गम हिमालयी क्षेत्र में आयोजित इस साहसिक अभियान में विभिन्न रेलवे जोनों के 60 अधिकारी-कर्मचारियों तथा पांच अधिकारियों सहित कुल 65 ट्रैकर्स ने भाग लिया।

लगभग 12 हजार फीट से अधिक की ऊंचाई तक पहुंचकर प्रतिभागियों ने पिंडारी ग्लेशियर के अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य, हिमालय की मनमोहक वादियों और स्थानीय संस्कृति का करीब से अनुभव किया। कठिन पर्वतीय मार्गों पर ट्रैकिंग करते हुए रेलकर्मियों ने साहस, धैर्य और टीम भावना का परिचय दिया।

अभियान में उत्तर पश्चिम रेलवे के 11 प्रतिभागियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। इनमें जयपुर से जनसंपर्क अधिकारी विनोद कुमार बेनीवाल, डॉ. सुरेश मीना, सुनील कुमार गोयल, स्मृति भाटी, नंद प्रकाश तनेजा, भावना तनेजा और मुकेश मीना तथा जोधपुर से डॉ. विशेष बंसल, प्रवीण कच्छावा, चिराग और प्रियल शर्मा शामिल रहे।

प्रतिभागियों ने बताया कि यह ट्रैक उनके लिए केवल एक साहसिक यात्रा नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और टीम वर्क को मजबूत करने वाला जीवन का यादगार अनुभव साबित हुआ। हिमालय की शांत वादियों में बिताए गए इन दिनों ने उन्हें दैनिक कार्यों के तनाव से दूर नई ऊर्जा, ताजगी और उत्साह प्रदान किया।

उत्तर रेलवे ट्रैकिंग एवं माउंटेनियरिंग एसोसिएशन के संयोजक हरीश जोशी ने बताया कि संस्था समय-समय पर ऐसे साहसिक और स्वास्थ्यवर्धक कार्यक्रम आयोजित करती है। इनका उद्देश्य रेल कर्मचारियों में फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण, साहसिक खेलों के प्रति रुचि और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष ट्रैकिंग, पर्वतारोहण और प्रकृति भ्रमण जैसी गतिविधियों का आयोजन कर अधिकाधिक कर्मचारियों को इसका लाभ पहुंचाया जाता है।

सफल ट्रैकिंग अभियान के बाद सभी प्रतिभागी अविस्मरणीय यादों और नए उत्साह के साथ अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौट आए। रेल प्रशासन और रेलवे ट्रैकिंग एसोसिएशन ने अभियान को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी प्रतिभागियों एवं अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।