सरखेज-धोलेरा सेमी हाई स्पीड रेल परियोजना को गति देने हेतु अहम बैठक आयोजित

अहमदाबाद। पश्चिम रेलवे अहमदाबाद की सर्वे एवं निर्माण संस्था द्वारा सरखेज-धोलेरा नई सेमी हाई स्पीड रेलवे ब्रॉड गेज डबल लाइन परियोजना के प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर बुधवार को मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कार्यालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना से जुड़े तकनीकी, निर्माण एवं क्रियान्वयन पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

पश्चिम रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) प्रदीप गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में मुख्य अभियंता कमलेश कुमार, मुख्य विद्युत अभियंता आर.डी. मीना, डिप्टी CSTE रतन बासु सहित निर्माण विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक की शुरुआत डिप्टी चीफ इंजीनियर प्रशांत सिंह द्वारा पॉवर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से परियोजना की विस्तृत जानकारी देने के साथ हुई। इस दौरान परियोजना की निर्माण निविदा में रुचि रखने वाली सिविल, इलेक्ट्रिकल तथा सिग्नल एवं दूरसंचार (S&T) क्षेत्र की 20 से अधिक प्रमुख कंपनियों ने भाग लिया।

बैठक में लार्सन एंड टुब्रो, अफ्कोन्स इन्फ्रा, KPTL, HOG प्रोजेक्ट, मिराल इन्फ्रा, खोडल कॉरपोरेशन, गंगा कंस्ट्रक्शन, नीलकंठ इन्फ्रा और सुभाष इन्फ्रा जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधियों ने परियोजना के बेहतर एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए। कई कंपनियों ने वर्चुअल माध्यम से भी सहभागिता की।

बैठक के दौरान परियोजना की पैकेजिंग, टेंडर प्रक्रिया, इंटरफेस कार्य, सिविल एवं ट्रैक निर्माण, ट्रैक्शन व्यवस्था, S&T कार्यों तथा डिजाइन कॉन्ट्रैक्ट जैसे तकनीकी विषयों पर गहन मंथन किया गया।

मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) प्रदीप गुप्ता ने कहा कि बैठक का उद्देश्य परियोजना को सफल, आधुनिक और प्रभावी तरीके से लागू करना है। उन्होंने बताया कि इच्छुक बीडर्स से प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद EPC टेंडर जारी किया जाएगा।

करीब 134 किलोमीटर लंबी यह नई दोहरी रेल लाइन अहमदाबाद, धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन (SIR), आगामी धोलेरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तथा लोथल स्थित राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर को अत्याधुनिक रेल कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। परियोजना की डिजाइन गति 220 किलोमीटर प्रति घंटा तथा परिचालन गति 200 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है।

इस कॉरिडोर पर कुल 11 आधुनिक स्टेशन विकसित किए जाएंगे। परियोजना के अंतर्गत 3 मेगा पुल, 74 किलोमीटर लंबा वायाडक्ट, 39 रोड अंडर ब्रिज तथा 2 रेल ओवर रेल ब्रिज का निर्माण प्रस्तावित है। कुल ट्रैक लंबाई लगभग 293 किलोमीटर होगी।

करीब ₹20,667 करोड़ की लागत वाली यह परियोजना भारतीय रेलवे की पहली स्वदेशी तकनीक आधारित सेमी हाई-स्पीड रेल परियोजना होगी, जिस पर भविष्य में नमो भारत ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। परियोजना को अगले चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत विकसित की जा रही यह परियोजना गुजरात में मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ लॉजिस्टिक दक्षता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह कॉरिडोर राज्य को आधुनिक, हरित एवं उच्च गति परिवहन अवसंरचना के नए दौर में प्रवेश कराने वाली ऐतिहासिक पहल साबित होगा।