हरदोई पहुंचे जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद, कई मुद्दों पर रखे विचार, मुस्लिमों और बकरीद को लेकर दिया विवादित बयान

हरदोई पहुंचे जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद ने विभिन्न राष्ट्रीय और धार्मिक मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी के ?इस्लाम प्रैक्टिकल मजहब है? वाले बयान पर उन्होंने कहा कि दुनिया में इस्लाम मजहब हो सकता है, लेकिन सनातन धर्म प्रकृति और सृष्टि के साथ उत्पन्न हुआ धर्म है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म परमात्मा द्वारा स्थापित है, जबकि कुछ मजहब मनुष्यों द्वारा बनाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दुनिया में फैले आतंकवाद से इस्लाम का नाम जुड़ चुका है और कश्मीर जैसी घटनाओं का भी उल्लेख किया।
गायों की बिक्री और गौहत्या पर उन्होंने कहा कि जब तक गौमाता को राष्ट्रीय दर्जा देकर सख्त कानून नहीं बनाया जाएगा, तब तक गौ रक्षा संभव नहीं है। असम में यूसीसी लागू किए जाने पर उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा की सराहना करते हुए कहा कि यह कानून पूरे देश में लागू होना चाहिए और अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें देश से बाहर किया जाना चाहिए।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और सरकार के बीच चल रहे विवाद पर उन्होंने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की। वहीं लखनऊ में कब्रिस्तान की जमीन पर विवाद को लेकर उन्होंने कहा कि यदि किसी स्थान पर ऐतिहासिक प्रमाण हैं तो अदालत में उन्हें प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
पाकिस्तान में स्थानों के नाम बदले जाने पर उन्होंने कहा कि वहां के मुसलमानों के पूर्वज हिंदू थे और यदि लोग अपने मूल धर्म की ओर लौटना चाहते हैं तो उनका स्वागत होना चाहिए। बकरीद पर उन्होंने पशु बलि को गलत परंपरा बताते हुए कहा कि बलि अपनी बुराइयों की होनी चाहिए, न कि बेजुबान जानवरों की।