मध्य रेल के 10 कर्मचारियों को ‘संरक्षा पुरस्कार’, महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव ने किया सम्मानित

मुंबई। रेल परिचालन में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मध्य रेल के महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव ने मई 2026 माह के लिए मध्य रेल के 10 कर्मचारियों को संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें ड्यूटी के दौरान सतर्कता, त्वरित निर्णय क्षमता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करते हुए संभावित दुर्घटनाओं को टालने तथा सुरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित करने के लिए प्रदान किया गया।

रेल प्रशासन के अनुसार पुरस्कार विजेता कर्मचारियों ने अपने कार्यस्थल पर असाधारण सजगता दिखाते हुए तकनीकी खराबियों, हॉट एक्सल, टूटे पुर्जों, गैस रिसाव जैसी गंभीर स्थितियों को समय रहते पहचानकर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना दी और आवश्यक कदम उठाकर रेल यातायात को सुरक्षित बनाए रखा। प्रत्येक पुरस्कार के अंतर्गत पदक, प्रशस्ति पत्र, संरक्षा कार्य के लिए प्रशंसा पत्र तथा 3,500 रुपये नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।

महाप्रबंधक ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे सजग कर्मचारी रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके द्वारा किया गया कार्य अन्य रेलकर्मियों को भी प्रेरित करेगा कि वे यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे संपत्तियों की रक्षा के प्रति सदैव सतर्क रहें।

मुंबई मंडल से दो कर्मचारी सम्मानित

मुंबई मंडल के महादेव चौधरी (फिटर, सी एंड डब्ल्यू, इगतपुरी) ने 22 मार्च 2026 को मालगाड़ी की ब्रेक पावर जांच के दौरान एक वैगन में टूटे हुए बेयरिंग कप की पहचान कर तुरंत अधिकारियों को सूचित किया, जिससे समय रहते कार्रवाई कर दुर्घटना की आशंका को टाला गया।

वहीं विजय सिंह (वरिष्ठ तकनीशियन, सी एंड डब्ल्यू, सीएसएमटी) ने 4 अप्रैल 2026 को ट्रेन संख्या 12072 की रोलिंग-इन जांच के दौरान एक कोच का व्हील फ्लेंज टूटा पाया और तत्काल सूचना देकर बड़ी दुर्घटना को टलवाया।

पुणे मंडल के तीन कर्मचारियों को मिला पुरस्कार

पुणे मंडल के सुमीत कुमार (उप स्टेशन प्रबंधक, पाटस) ने 28 अप्रैल 2026 को बीटीपीएन रैक के एक वैगन के नीचे चिंगारी व धुआं निकलते देखा। उन्होंने तुरंत अग्निशामक यंत्र और रेत की मदद से स्थिति को नियंत्रित कराया और अधिकारियों को सूचित कर संभावित हादसा टाल दिया।

बबन जाधव (तकनीशियन, सी एंड डब्ल्यू, कोल्हापुर) ने 17 अप्रैल 2026 को ट्रेन संख्या 11030 के निरीक्षण के दौरान एक कोच का टूटा हुआ डैशपॉट देखा और समय रहते अधिकारियों को सूचित कर बड़ी घटना को रोका।

मोहम्मद शेख शकील (गेटमैन, येवला) ने 26 मार्च 2026 को ड्यूटी के दौरान एक मालगाड़ी के एक्सल बॉक्स से चिंगारी और धुआं निकलते देखा। उन्होंने तुरंत स्टेशन मास्टर को सूचना दी, ट्रेन को रोका गया और हॉट एक्सल की पहचान कर दुर्घटना टाली गई।

भुसावल मंडल के तीन कर्मचारियों ने दिखाई साहस व सतर्कता

हिमांशु अग्रवाल (ट्रेन मैनेजर, इटारसी) ने 12 अप्रैल 2026 को खंडवा स्टेशन पर मालगाड़ी के निरीक्षण के दौरान लोकोमोटिव के डोम कवर से गंभीर गैस रिसाव देखा और तत्काल सूचना देकर समय पर कार्रवाई कराई।

बाबू किरण (सहायक लोको पायलट, भुसावल) ने 1 अप्रैल 2026 को ट्रेन संख्या 12129 के निरीक्षण में ट्रैक्शन मोटर का टॉर्क आर्म बोल्ट ढीला पाया, जिसे तुरंत ठीक कराकर दुर्घटना की आशंका को समाप्त किया।

एस.एस. खेडेकर (हेड कांस्टेबल, भुसावल) ने 3 अप्रैल 2026 को स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रहे यात्री को फिसलते देखा और तुरंत साहस दिखाते हुए उसे बचा लिया, जिससे गंभीर दुर्घटना टल गई।

सोलापुर मंडल के ट्रैक मेंटेनर की सजगता

भारत गोरख पासले (ट्रैक मेंटेनर, मलिकपेठ) ने 14 अप्रैल 2026 को मलिकपेठ यार्ड में गुजरती मालगाड़ी में हॉट एक्सल देखा और तुरंत लाल संकेत देकर ट्रेन रुकवाई। समय पर कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।

नागपुर मंडल के ट्रेन मैनेजर को भी सम्मान

राजेश कुमार (ट्रेन मैनेजर, नागपुर) ने 28 मार्च 2026 को जौलखेड़ा-अमला खंड में ओएचई मास्ट से जेसीबी मशीन के टकराने की घटना देखी, जिससे मास्ट ट्रैक की ओर झुक गया था। उन्होंने तुरंत अधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद समय रहते सावधानी बरतकर संभावित अप्रिय घटना को रोक लिया गया।

वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर चंद्र किशोर प्रसाद (प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी) सहित अन्य प्रधान विभागाध्यक्ष एवं मध्य रेल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्नील निला ने बताया कि मध्य रेल संरक्षा के प्रति निरंतर सजग रहते हुए कर्मचारियों को प्रोत्साहित कर रही है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित, विश्वसनीय और सुगम रेल यात्रा उपलब्ध कराई जा सके।