धनावल कला के प्रधान पर बीडीओ विकास सिंह, एपीओ मनरेगा रंजीत कुमार सिंह और जेई का संरक्षण प्राप्त,धनावल कला में मनरेगा में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का आरोप

धनावल कला में मनरेगा में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का आरोप
?10 मजदूरों की हाजिरी में एक ही फोटो अपलोड?, ग्रामीणों ने उठाए सवाल


चकिया। चकिया ब्लॉक के धनावल कला ग्राम पंचायत में मनरेगा कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और फर्जी मस्टरोल भरने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान द्वारा अधिकारियों की मिलीभगत से मनरेगा योजना में खुलेआम धांधली की जा रही है। आरोप है कि मौके पर मजदूरों की संख्या बेहद कम रहती है, जबकि सरकारी पोर्टल और मस्टरोल में भारी भरकम मजदूरों की उपस्थिति दर्शाकर सरकारी धन का बंदरबांट किया जा रहा है।


ग्रामीणों का कहना है कि कार्यस्थल पर मुश्किल से कुछ मजदूर ही दिखाई देते हैं, लेकिन रिकॉर्ड में बड़ी संख्या में श्रमिकों की हाजिरी चढ़ाई जा रही है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि ?10 मजदूरों की हाजिरी में केवल एक व्यक्ति का फोटो अपलोड? कर फर्जी उपस्थिति दिखाई जा रही है। ग्रामीणों ने दावा किया कि फर्जी सॉफ्टवेयर और तकनीकी हेराफेरी के माध्यम से मनरेगा पोर्टल पर गलत विवरण अपलोड किए जा रहे हैं।


अधिकारियों पर संरक्षण देने का आरोप


ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में बीडीओ विकास सिंह, एपीओ मनरेगा रंजीत कुमार सिंह तथा संबंधित जेई की भूमिका संदिग्ध है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
स्थानीय निवासी रामअवध, शिवप्रसाद, सुनीता देवी और रामकुमार ने बताया कि मनरेगा योजना गरीब मजदूरों को रोजगार देने के लिए बनाई गई थी, लेकिन यहां कागजों पर मजदूर दिखाकर धन निकाला जा रहा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।


जांच की मांग तेज


ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और मुख्य विकास अधिकारी से पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। वहीं संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट लिखित बयान सामने नहीं आया है।