दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर में आधारशिला विद्यालय के नवीन भवन का लोकार्पण

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर में आधारशिला विद्यालय के नवीन भवन का लोकार्पण

महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने किया उद्घाटन, वृक्षारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश द्वारा 14 मई को बिलासपुर स्थित आधारशिला विद्यालय के नवीन भवन का विधिवत लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे महिला कल्याण संगठन (सेक्रो) की अध्यक्षा मीनाक्षी शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना एवं पूजन के साथ किया गया। इसके पश्चात महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने शिलापट्ट का अनावरण कर विद्यालय के नवीन भवन का औपचारिक उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया तथा बच्चों द्वारा की जा रही शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की।

वृक्षारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया, जिसमें महाप्रबंधक, सेक्रो अध्यक्षा एवं उपस्थित अधिकारियों द्वारा पौधारोपण किया गया।

मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

सेक्रो द्वारा संचालित आधारशिला विद्यालय का मुख्य उद्देश्य मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों को उचित शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान कर उनका सर्वांगीण विकास करना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। विद्यालय में वर्तमान में 20 बच्चे अध्ययनरत हैं।

यहां बच्चों को विशेष शिक्षण पद्धति के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसमें खेल-खेल में सीखने की प्रक्रिया, दृश्य-श्रव्य माध्यम, चित्रों एवं वीडियो का उपयोग किया जाता है। बच्चों को धैर्य एवं निरंतर अभ्यास के माध्यम से दैनिक जीवन की आवश्यक गतिविधियों का प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

विद्यालय में बच्चों को स्वयं भोजन करना, कपड़े पहनना, जूते पहनना, अपनी भावनाएं एवं आवश्यकताएं व्यक्त करना तथा दैनिक कार्य स्वयं करने की शिक्षा दी जाती है, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ जीवन जी सकें।

अधिकारीगण रहे उपस्थित

इस कार्यक्रम में आदित्य कुमार, प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी सहित दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सभी विभागाध्यक्ष, अधिकारीगण एवं सेक्रो की पदाधिकारीगण उपस्थित रहे।

रेल प्रशासन ने बताया कि यह नवीन भवन बच्चों के बेहतर प्रशिक्षण एवं सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे विशेष बच्चों को आधुनिक वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।