अजमेर मंडल के 276 गांवों में कम्युनिटी पुलिसिंग अभियान तेज

रेलवे सुरक्षा में जनभागीदारी जरूरी, कम्युनिटी पुलिसिंग से बढ़ेगा सहयोग: दीपक कुमार आजाद

आरपीएफ ने ग्राम पंचायत दौराई में चलाया अभियान, महिला सुरक्षा व ट्रैक सुरक्षा पर ग्रामीणों को किया जागरूक

अजमेर। रेलवे संपत्ति की सुरक्षा और यात्रियों की यात्रा को सुरक्षित एवं भयमुक्त बनाने के उद्देश्य से रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) अजमेर द्वारा मंडल क्षेत्र के 276 गांवों को चिन्हित कर कम्युनिटी पुलिसिंग अभियान निरंतर चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को ग्राम पंचायत दौराई के पंचायत भवन में एक विशेष समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें रेलवे अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया।

बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में आरपीएफ वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त दीपक कुमार आजाद तथा सहायक सुरक्षा आयुक्त रामेश्वर लाल मीणा के नेतृत्व में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।

वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त दीपक कुमार आजाद ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में जन-सहभागिता सबसे बड़ा हथियार है। उन्होंने कहा कि रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाले ग्रामीण यदि सतर्क रहें, तो रेल संपत्ति की रक्षा और दुर्घटनाओं की रोकथाम में आरपीएफ के साथ मिलकर एक टीम के रूप में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।

?मेरी सहेली? अभियान से महिला यात्रियों को सुरक्षा

बैठक के दौरान वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त ने ?मेरी सहेली? अभियान पर विशेष जोर देते हुए बताया कि अकेले यात्रा करने वाली महिला यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आरपीएफ की महिला बल सदस्य स्टेशन पर यात्रियों से संवाद कर उनकी कुशलक्षेम पूछती हैं और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराती हैं। ग्रामीणों ने इस अभियान की सराहना करते हुए इसे महिलाओं के लिए भरोसेमंद पहल बताया।

सुरक्षा के प्रमुख बिंदुओं पर दी जानकारी

आरपीएफ अधिकारियों ने ग्रामीणों से रेलवे सुरक्षा में सहयोग करने की अपील करते हुए कई महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया। उन्होंने बच्चों और मवेशियों को रेलवे ट्रैक से दूर रखने, अनधिकृत रूप से पटरी पार न करने तथा ट्रेनों पर पत्थरबाजी जैसी असामाजिक गतिविधियों के कानूनी परिणामों की जानकारी दी। साथ ही बिना कारण अलार्म चेन पुलिंग (ACP) न करने की अपील की गई।

139 हेल्पलाइन और व्हाट्सएप ग्रुप से बढ़ेगा त्वरित संपर्क

आरपीएफ टीम ने ग्रामीणों को एकीकृत रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 की उपयोगिता बताते हुए कहा कि किसी भी आपात स्थिति या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साझा करें। मौके पर ही ग्रामीणों एवं आरपीएफ स्टाफ का व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया ताकि सूचना का त्वरित आदान-प्रदान हो सके।

ये रहे मौजूद

बैठक में सरपंच प्रतिनिधि हंसराज चौधरी, उपसरपंच ब्रिजेश राव, ग्रामीण विकास अधिकारी राकेश डांगी, पूर्व आरपीएससी उपसचिव रामलाल सोलंकी, ओमप्रकाश मालपानी, पंचायत सहायक कुसुम सहित आरपीएफ निरीक्षक राजेंद्र चौधरी, उप निरीक्षक जगजीत सिंह तथा अन्य स्टाफ उपस्थित रहा।

कार्यक्रम के अंत में सरपंच प्रतिनिधि हंसराज चौधरी ने आरपीएफ की इस पहल का स्वागत करते हुए ग्रामीणों की ओर से रेलवे सुरक्षा में पूर्ण सहयोग का संकल्प दोहराया।