कल से छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का मिजाज, आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट हुआ जारी, कुछ दिनों तक मौसम…

रायपुर 12 मई 2026। छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश में 13 मई से अंधड़ और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से देखने को मिल सकता है।

हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि इस बदलाव का प्रदेश के तापमान पर ज्यादा असर पड़ने की संभावना नहीं है। अगले कुछ दिनों तक गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिलने के आसार कम हैं। विभाग के मुताबिक आज प्रदेश में मौसम सामान्य और शुष्क बना रह सकता है, लेकिन 13 मई से मौसम में बदलाव शुरू होगा।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले पांच दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। यानी बारिश और तेज हवाओं के बावजूद गर्मी का असर बना रहेगा। दिन के समय तेज धूप और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। दोपहर के समय गर्म हवाएं चलने से लू जैसे हालात भी कुछ इलाकों में बने रह सकते हैं।

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं उत्तर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में दिनभर तेज धूप और उमस के कारण लोग गर्मी से परेशान नजर आए।

मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह भी दी है। तेज हवाओं और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर खड़े रहने से बचने को कहा गया है। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे मौसम को देखते हुए फसलों और कृषि उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। वहीं बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मई महीने में इस तरह के मौसम परिवर्तन सामान्य माने जाते हैं। प्री-मानसून गतिविधियों के कारण कई बार अचानक तेज हवाएं, बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनती है। हालांकि इससे तापमान में स्थायी गिरावट नहीं आती और गर्मी का असर बना रहता है।