उत्तर रेलवे ने तकनीकी नवाचारों व उन्नत सुरक्षा उपायों से परिचालन प्रबंधन को किया और मजबूत

उत्तर रेलवे ने तकनीकी नवाचारों व उन्नत सुरक्षा उपायों से परिचालन प्रबंधन को किया और मजबूत

महाप्रबंधक ने सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के लिए लॉन्च किया YouTube चैनल ?RailSafe?

नई दिल्ली। उत्तर रेलवे ने आधुनिक तकनीकी नवाचारों और उन्नत सुरक्षा उपायों के माध्यम से अपने ट्रेन परिचालन प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसी क्रम में 06 मई को बड़ौदा हाउस, नई दिल्ली में ट्रेन संचालन (परिचालन) विषय पर एक महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक श्री राजेश कुमार पांडे मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

सम्मेलन में प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक (PCOM) मोनिका अग्निहोत्री के साथ-साथ दिल्ली, अंबाला, फिरोजपुर, लखनऊ, मुरादाबाद और जम्मू मंडल के वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक (Sr. DOMs) ने भाग लिया। यह सम्मेलन वरिष्ठ अधिकारियों के लिए एक साझा मंच साबित हुआ, जहां परिचालन प्रबंधन की विस्तृत समीक्षा के साथ जमीनी स्तर पर आने वाली चुनौतियों पर चर्चा कर समाधान तलाशे गए।

इस अवसर पर उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडे ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए ?RailSafe? (रेलसेफ) नामक एक YouTube चैनल लॉन्च किया। इस चैनल का उद्देश्य रेलवे के फ्रंटलाइन कर्मचारियों को सुरक्षित ट्रेन संचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी, व्यावहारिक प्रशिक्षण सामग्री और सुरक्षा संबंधी जागरूकता प्रदान करना है। महाप्रबंधक ने कहा कि सुरक्षित रेलवे संचालन के लिए कर्मचारियों को तकनीकी जानकारी से सशक्त बनाना बेहद आवश्यक है और यह चैनल उसी दिशा में एक प्रभावी पहल है।

सम्मेलन के दौरान विभिन्न मंडलों के वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधकों ने समयपालन, माल ढुलाई, स्टेशन प्रबंधन, यात्री सुविधाओं और सुरक्षा मानकों में हुई प्रगति की जानकारी साझा की। बैठक में क्रू मैनेजमेंट को बेहतर बनाने, निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने, यात्रियों और माल परिवहन दोनों के लिए लास्ट-माइल कनेक्टिविटी में सुधार तथा डिजिटल तकनीकों के अधिक उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।

उत्तर रेलवे के कुछ मंडलों द्वारा अपनाए गए तकनीक आधारित नवाचारों को सम्मेलन में प्रस्तुत किया गया, जो परिचालन व्यवस्था को आधुनिक बनाने में सहायक साबित हो रहे हैं। जम्मू मंडल द्वारा विकसित ?आरव (AARAV)? नामक मोबाइल आधारित टूल, स्वचालित निगरानी, अलर्ट और रीयल-टाइम विश्लेषण सत्यापन प्रणाली के रूप में कार्य कर रहा है। यह प्रणाली फील्ड रिपोर्टिंग को तुरंत दर्ज करने और संबंधित विभागों तक समस्या पहुंचाकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने में मदद कर रही है।

वहीं फिरोजपुर मंडल ने हब एंड स्पोक मॉडल के माध्यम से बासमती चावल के निर्यात को बढ़ावा देने की पहल की है। इस मॉडल के तहत पंजाब के विभिन्न हिस्सों से कोलकाता, चेन्नई और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों तक प्रतिस्पर्धी दरों पर माल ढुलाई संभव हो सकी है। इस पहल के तहत 04 मई 2025 को पांचवीं लोडिंग की गई, जिसमें 1,350 मीट्रिक टन बासमती चावल फिल्लौर से हैदराबाद और चेन्नई भेजा गया।

दिल्ली मंडल द्वारा सुरक्षा को और सशक्त करने के लिए छह-सूत्रीय अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें ?नव संरक्षा? के तहत दैनिक सुरक्षा जांच, ?संरक्षा चौपाल? के माध्यम से साप्ताहिक संवाद, लाइव KPI मॉनिटरिंग ऐप द्वारा निगरानी, मेंटर-मेंटी कार्यक्रम, पैनल रूम में डिजिटल सुरक्षा संदेश और शंटिंग मेलों के जरिए कर्मचारियों से सीधा संवाद शामिल है। इस पहल के अंतर्गत अब तक 856 कर्मचारियों को परामर्श सत्रों से जोड़ा जा चुका है तथा 61 शंटिंग मेलों का आयोजन किया गया है।

सम्मेलन का समापन यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और रेलवे संचालन को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ। उत्तर रेलवे ने स्पष्ट किया कि आधुनिक तकनीकी प्रगति और कर्मचारियों की मेहनत के माध्यम से रेलवे लगातार सुरक्षा, समयपालन और बेहतर यात्रा अनुभव सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है।

हिमांशु शेखर उपाध्याय मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर रेलवे