ट्रांसफार्मर पर अवैध कब्जा, सालेहनगर के 300 घरों में 120 दिन से बिजली गायब

सुमित गर्ग संवाददाता खेरागढ़ -

चार महीने से अंधेरे में सालेहनगर, ट्रांसफार्मर पर कब्जे से 300 परिवार बेहाल

खेरागढ़: थाना क्षेत्र के सालेहनगर गांव में चार महीने से बिजली गुल होने से हालात बद से बदतर हो गए हैं। आरोप है कि गांव के ही एक व्यक्ति ने विद्युत ट्रांसफार्मर को बाउंड्रीवाल के भीतर घेरकर उस पर अवैध कब्जा कर लिया है, जिसके चलते करीब 300 परिवार अंधेरे में जिंदगी काटने को मजबूर हैं। प्रशासनिक अनदेखी से नाराज ग्रामीणों का सब्र बुधवार को टूट गया और उन्होंने तहसील कार्यालय पर धरना देकर जोरदार प्रदर्शन किया।

ग्रामीणों का कहना है कि 13 जनवरी 2026 से गांव की बिजली पूरी तरह ठप है। ट्रांसफार्मर तक पहुंच बाधित होने के कारण बिजली विभाग मरम्मत तक नहीं कर पा रहा। सबसे ज्यादा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा है?रात का अंधेरा उनकी पढ़ाई निगल रहा है, वहीं मोबाइल चार्ज न होने से ऑनलाइन शिक्षा भी ठप हो गई है।

बिजली संकट ने पेयजल व्यवस्था भी चौपट कर दी है। भीषण गर्मी में महिलाएं, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदारों ने आंखें मूंदे रखीं, जिससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।

बुधवार को अनामिका, राजकुमारी, पूजा, तुलसा, भूरी, दिनेश, विजय सिंह, रविंद्र, सत्यप्रकाश और केशव समेत दर्जनों ग्रामीण तहसीलदार सतेंद्र कुमार को ज्ञापन देने पहुंचे और कार्यालय के बाहर धरना देकर बिजली विभाग, जेई और एसडीओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

धरने में अनामिका ने कहा, ?चार महीने से गांव अंधेरे में डूबा है। बच्चों की पढ़ाई चौपट हो गई है और पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई, इसलिए अब आंदोलन के लिए मजबूर हैं।?

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो जिलाधिकारी कार्यालय पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

उधर, एसडीओ कागारौल हिमांशु गुप्ता ने बताया कि ट्रांसफार्मर के चारों ओर बाउंड्रीवाल बनाकर अतिक्रमण किया गया है। वैकल्पिक रूप से दूसरे ट्रांसफार्मर से आपूर्ति दी गई थी, लेकिन अधिक लोड के कारण केबिल खराब हो गई। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द अतिक्रमण हटाकर विद्युत आपूर्ति सुचारू कराई जाएगी।