CSMT पर संभावित हादसा टला, इंटरलॉकिंग सिस्टम ने निभाई अहम भूमिका: सेंट्रल रेलवे

CSMT पर संभावित हादसा टला, इंटरलॉकिंग सिस्टम ने निभाई अहम भूमिका: सेंट्रल रेलवे

मुंबई। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पर 22.04.2026 को हुई असामान्य घटना को लेकर कुछ समाचार पत्रों में गलत खबर प्रकाशित होने के बाद सेंट्रल रेलवे ने स्थिति स्पष्ट करते हुए प्रेस विज्ञप्ति जारी की है।

सेंट्रल रेलवे ने बताया कि घटना के दौरान मोटरमैन द्वारा समय रहते प्रतिक्रिया देकर ट्रेन को रोकना सराहनीय है, लेकिन यह भी ध्यान देना जरूरी है कि रेलवे का सुरक्षा ढांचा इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि मानवीय सतर्कता और ऑटोमेटेड फेल-सेफ सिस्टम मिलकर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।

रेलवे के अनुसार इस घटना में इंटरलॉकिंग सिस्टम और ऑक्जिलरी वार्निंग सिस्टम (AWS) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे किसी भी संभावित अनहोनी को रोका जा सका।

प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया

सेंट्रल रेलवे की प्रारंभिक जांच में घटना का मुख्य कारण क्षणिक रूप से परिस्थितियों की समझ में चूक (Situational Awareness lapse) यानी मानवीय भूल बताया गया है।

हालांकि, रेलवे के ?इनबिल्ट प्रोटेक्शन सिस्टम? जैसे इंटरलॉकिंग और AWS ने इलेक्ट्रॉनिक निगरानी प्रणाली की तरह कार्य करते हुए सुरक्षा को सुनिश्चित किया।

इंटरलॉकिंग सिस्टम कैसे करता है सुरक्षा सुनिश्चित

सेंट्रल रेलवे ने बताया कि इंटरलॉकिंग सिस्टम रेलवे संचालन का एक मूलभूत सुरक्षा तंत्र है, जो स्टेशन, जंक्शन और क्रॉसिंग पर ट्रेनों की टकराव वाली गतिविधियों को रोकता है।

यह प्रणाली सुनिश्चित करती है कि?

ट्रेन को तभी ग्रीन सिग्नल मिले जब आगे का मार्ग सुरक्षित हो

प्वाइंट सही तरीके से अलाइन और लॉक हों

किसी भी गड़बड़ी की स्थिति में सिस्टम स्वतः सबसे सुरक्षित स्थिति (ट्रेन रोकना) अपनाए

रेलवे ने स्पष्ट किया कि घटना के दिन मोटरमैन ने ट्रेन को रेड सिग्नल से पहले रोक दिया, जो इंटरलॉकिंग सिस्टम के सही ढंग से काम करने के कारण संभव हो सका और इसी वजह से संभावित दुर्घटना टल गई।

सेंट्रल रेलवे ने कहा कि सतर्क ट्रेन क्रू और फेल-सेफ तकनीक के बीच तालमेल यात्रियों की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।

यह जानकारी डॉ. स्वप्निल नीला, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, सेंट्रल रेलवे द्वारा जारी की गई।