823 करोड़ से लूणी-मारवाड़ रेलखंड होगा डबल, डीपीआर रेलवे बोर्ड को भेजा

823 करोड़ से लूणी-मारवाड़ रेलखंड होगा डबल, डीपीआर रेलवे बोर्ड को भेजा

दोहरीकरण से ट्रेनों का संचालन होगा तेज और समयबद्ध, क्रॉसिंग में नहीं लगेगा इंतजार

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने रेल यातायात को अधिक सुगम और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। लूणी जंक्शन से मारवाड़ जंक्शन के बीच लगभग 70 किलोमीटर लंबे रेलखंड के दोहरीकरण (डबल लाइन) के लिए 823 करोड़ रुपए का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा गया है।

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि वर्तमान में यह रेलखंड सिंगल लाइन है, जिसके कारण ट्रेनों को एक-दूसरे को क्रॉस करने के लिए स्टेशनों पर काफी देर तक रुकना पड़ता है। इससे ट्रेन संचालन प्रभावित होता है और समयपालनता में कमी आती है। उन्होंने कहा कि दोहरीकरण के बाद इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुचारू होगी और समयबद्ध संचालन में उल्लेखनीय सुधार होगा।

रेलखंड पर होंगे व्यापक विकास कार्य

डीपीआर के अनुसार इस परियोजना में नई रेल लाइन बिछाने, स्लीपर और ट्रैक कार्य, अर्थवर्क, छोटे पुल-पुलिया निर्माण तथा मार्ग में पड़ने वाले स्टेशनों के उन्नयन जैसे कार्य शामिल किए गए हैं। खास बात यह है कि इस रेलखंड का विद्युतीकरण पहले ही पूरा हो चुका है, जिससे डबल लाइन बनने के बाद ट्रेन संचालन और भी अधिक प्रभावी एवं तेज हो जाएगा।

स्वीकृति के बाद शुरू होगा कार्य

डीआरएम ने बताया कि यह परियोजना फिलहाल रेलवे बोर्ड स्तर पर स्वीकृति हेतु लंबित है। मंजूरी मिलते ही दोहरीकरण कार्य प्रारंभ किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में रेल सुविधाओं को नई गति मिलेगी।

272 किलोमीटर की बड़ी परियोजना का अहम हिस्सा

लूणी-मारवाड़ दोहरीकरण कार्य, लूणी-समदड़ी-भीलड़ी दोहरीकरण परियोजना (272 किमी) का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस परियोजना के पूरा होने पर जोधपुर, पाली और मारवाड़ क्षेत्र में रेल संपर्क मजबूत होगा और यात्री तथा मालगाड़ियों का संचालन अधिक सुविधाजनक बनेगा।

पाली मारवाड़ स्टेशन विकास को मिलेगा लाभ

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना पाली मारवाड़ रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्टेशन के विकास हेतु 96.26 करोड़ रुपए पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं। रेलखंड के दोहरीकरण के बाद स्टेशन विकास के कार्यों को भी तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

रेलवे प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना पूरी होने पर क्षेत्र में यात्री सुविधाएं बढ़ेंगी, रेल यातायात तेज होगा और आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।