* दुनिया की सबसे पुरानी और प्रभावी चिकित्सा पद्धति - STTMTC *

तिब्बत साम्य तिब्बतन ट्रेडिशनल मेडिकल ट्रीटमेंट सेंटर की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली, अब राजौरी गार्डन में स्थापित हो गई है, जिसे श्री ताशी टॉपगल जी द्वारा शुरू किया गया है, जिसे 'सोवा रिग्पा' (Sowa-Rigpa) के नाम से जाना जाता है, दुनिया की सबसे पुरानी और प्रभावी चिकित्सा प्रणालियों में से एक है। यह केवल बीमारियों का इलाज नहीं है, बल्कि जीवन जीने का एक दर्शन है।

यहाँ इस चिकित्सा पद्धति की मुख्य विशेषताएं दी गई हैं:

1. सोवा रिग्पा का अर्थ

'सोवा' का अर्थ है 'ठीक करना' और 'रिग्पा' का अर्थ है 'विज्ञान' या 'ज्ञान'। सामूहिक रूप से इसका अर्थ है 'उपचार का विज्ञान'। यह प्रणाली मुख्य रूप से बौद्ध दर्शन, आयुर्वेद और स्थानीय तिब्बती परंपराओं के संगम पर आधारित है।

2. तीन दोषों का सिद्धांत

तिब्बती चिकित्सा के अनुसार, मानव शरीर तीन मुख्य ऊर्जाओं या दोषों द्वारा संचालित होता है। यदि इनमें असंतुलन पैदा होता है, तो व्यक्ति बीमार पड़ता है:

* लूंग (Lung): वायु या प्राण (Wind) - यह शरीर के संचलन और मानसिक गतिविधियों को नियंत्रित करता है।

* त्रिपा (Tripa): पित्त या अग्नि (Bile) - यह चयापचय (Metabolism) और पाचन के लिए जिम्मेदार है।

* बेकन (Beken): कफ या पृथ्वी और जल (Phlegm) - यह शरीर की संरचना और स्थिरता बनाए रखता है।

3. निदान की विधि (Diagnosis)

एक तिब्बती चिकित्सक (जिन्हें अक्सर 'आमची' कहा जाता है) बीमारी का पता लगाने के लिए तीन मुख्य तरीकों का उपयोग करते हैं:

* नाड़ी परीक्षण: कलाई की नसों को छूकर शरीर के अंगों की स्थिति जानना।

* मूत्र परीक्षण: मूत्र के रंग, गंध और बुलबुलों का बारीकी से निरीक्षण करना।

* पूछताछ और अवलोकन: रोगी की जीभ, आँखों और उसकी जीवनशैली के बारे में जानकारी लेना।

4. प्राकृतिक उपचार और औषधियां

इसमें औषधियां पूरी तरह से प्राकृतिक होती हैं:

* जड़ी-बूटियाँ: हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाने वाली दुर्लभ जड़ी-बूटियों का उपयोग।

* खनिज: औषधियों में शुद्ध किए गए रत्नों और खनिजों का मिश्रण।

* आहार: भोजन को ही पहली दवा माना जाता है। मौसम और दोष के अनुसार आहार बदलने की सलाह दी जाती है।

5. अन्य थेरेपी

दवाओं के अलावा, सोवा रिग्पा में शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कुछ खास तरीके अपनाए जाते हैं:

* कुन्ये (Ku-Nye): तिब्बती मालिश पद्धति।

* मोक्सीबस्टन (Moxibustion): शरीर के विशेष बिंदुओं पर गर्मी देना।

* ध्यान और योग: मानसिक शांति के लिए आध्यात्मिक अभ्यास।

एक रोचक बात: भारत सरकार ने 'सोवा रिग्पा' को आधिकारिक तौर पर चिकित्सा की एक भारतीय प्रणाली के रूप में मान्यता दी है, और इसका प्रमुख केंद्र लद्दाख और धर्मशाला में स्थित है।

और अब राजौरी गार्डन दिल्ली में में स्थापित हो चुकी है, अब यहां भरपूर चिकित्सा का लाभ ले रहे हैं , डॉ रिंचेन, डॉ पेमा और डॉ सोनम द्वारा चिकित्सा का लाभ उठा रहे है ,