मनरेगा में फर्जीवाड़े का आरोप: महिला मेट ने डीएम सहित उच्च अधिकारियों को सौंपा शिकायत पत्र, जांच की उठी मांग

मनरेगा में फर्जीवाड़े का आरोप: महिला मेट ने डीएम सहित उच्च अधिकारियों को सौंपा शिकायत पत्र, जांच की उठी मांग


चकिया (चंदौली)। जनपद चंदौली के चकिया विकासखंड अंतर्गत मनरेगा योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्राम पंचायत पंचफेड़िया की महिला मेट अनिता देवी ने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, उत्तर प्रदेश महिला आयोग और केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय सहित उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।


प्रार्थना पत्र में अनिता देवी ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2021 से महिला मेट के रूप में कार्यरत होने के बावजूद उन्हें अब तक आईडी और पासवर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिससे उनके अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने कहा कि उनके नाम पर कार्य दिखाकर अन्य लोगों द्वारा फर्जी तरीके से मास्टर रोल तैयार कर हाजिरी भरी जा रही है, जबकि वास्तविक कार्य उनके द्वारा कराया गया।


शिकायत के अनुसार 11 मार्च 2026 को कार्य कराने के बावजूद उनकी हाजिरी दर्ज नहीं की गई, जबकि 13 मार्च को उनके स्थान पर फर्जी हाजिरी दर्ज कर दी गई। आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा नियमों के विपरीत दूसरी महिला को मेट के रूप में नियुक्त कर दिया गया है।


अनिता देवी ने यह भी आरोप लगाया है कि लगभग 7 फर्जी मास्टर रोल और करीब 70 फर्जी हाजिरी दर्ज कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। साथ ही ग्राम पंचायत में किए गए कार्यों का सही विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया, जिससे मजदूरों का भुगतान लंबित है। बताया गया कि 15 मार्च तक लगभग 86 मजदूरों का भुगतान रुका हुआ है, जिससे उनमें आक्रोश व्याप्त है।


प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित अधिकारियों?सेक्रेटरी, तकनीकी सहायक और अन्य जिम्मेदारों को कई बार शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि जानबूझकर आईडी/पासवर्ड नहीं दिया जा रहा, ताकि फर्जीवाड़े को छिपाया जा सके।


महिला मेट ने यह भी दावा किया है कि यह गड़बड़ी केवल एक ग्राम पंचायत तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे चकिया ब्लॉक में मनरेगा कार्यों में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हो रही हैं।


उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, फर्जी मास्टर रोल निरस्त कर वास्तविक मजदूरों का भुगतान कराया जाए तथा उन्हें विधिवत कार्य करने का अधिकार दिया जाए।


वहीं, प्रार्थिनी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह उच्च न्यायालय सहित अन्य सक्षम मंचों का सहारा लेने को बाध्य होंगी।


इस मामले ने एक बार फिर मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।