तलवंडी साबो रेल लिंक को मंजूरी, सिख आस्था और विकास का ऐतिहासिक संगम

बठिंडा। पंजाब के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब तलवंडी साबो के लिए नई रेलवे लाइन को मंजूरी दे दी गई। यह पवित्र स्थल तख्त श्री दमदमा साहिब से जुड़ा हुआ है, जो सिख धर्म के पाँच तख्तों में से एक है। इस रेल परियोजना के पूरा होने के बाद सभी पाँचों तख्त रेल मार्ग से आपस में जुड़ जाएंगे, जिससे धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय संपर्क को नई मजबूती मिलेगी।

केंद्रीय रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने बठिंडा में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह परियोजना सिर्फ एक रेलवे लाइन नहीं, बल्कि आस्था, सम्मान और लंबे समय से लंबित मांगों की पूर्ति का प्रतीक है। उन्होंने इसे पंजाब के विकास और धार्मिक विरासत के संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम बताया।

प्रमुख परियोजना विवरण

रमन मंडी?सद्दा सिंहवाला नई ब्रॉड गेज रेल लाइन, मानसा?बठिंडा डबलिंग परियोजना का अहम हिस्सा है।

कुल लंबाई: 42.9 किलोमीटर

कुल लागत: ₹1118.47 करोड़

प्रति किलोमीटर लागत: ₹26.07 करोड़

यह परियोजना मानसा और बठिंडा जिलों को जोड़ेगी, जिससे क्षेत्रीय परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा ट्रैक

परियोजना के तहत कुल 6 स्टेशन विकसित किए जाएंगे, जिनमें 2 मौजूदा और 4 नए स्टेशन शामिल हैं?लालेआना, तलवंडी साबो, जगा राम तीर्थ और कमालू सवाइच। इसके अलावा कमालू सवाइच में एक जंक्शन केबिन भी बनाया जाएगा।

रेल लाइन को पूरी तरह लेवल क्रॉसिंग मुक्त बनाया जाएगा। इसमें 2 बड़े पुल, 1 अतिरिक्त प्रमुख पुल घटक, 56 छोटे पुल और 55 रोड अंडर ब्रिज (RUBs) शामिल होंगे। साथ ही 2x25 केवी इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन और आधुनिक MACLS-III सिग्नलिंग प्रणाली लगाई जाएगी, जिससे सुरक्षित और तेज रेल संचालन सुनिश्चित होगा।

विकास और आस्था दोनों को बढ़ावा

मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि यह परियोजना न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि सिख श्रद्धालुओं के लिए भी बड़ी सुविधा लेकर आएगी। अब देशभर से आने वाले श्रद्धालु तख्त श्री दमदमा साहिब तक सीधे रेल मार्ग से पहुंच सकेंगे।

उन्होंने पूर्व सरकारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्षों तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, जबकि अब केंद्र सरकार के प्रयासों से सिख आस्था से जुड़े स्थलों को प्राथमिकता दी जा रही है।

इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को भी सम्मान मिल रहा है।

बठिंडा स्टेशन का भी होगा कायाकल्प

इसके साथ ही बठिंडा रेलवे स्टेशन के लगभग ₹100 करोड़ की लागत से पुनर्विकास को भी जल्द मंजूरी मिलने की संभावना जताई गई है, जिससे यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।

यह परियोजना न केवल पंजाब के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देगी, बल्कि आस्था, पर्यटन और आर्थिक विकास के नए द्वार भी खोलेगी।