तेज, सुरक्षित और सस्ती यात्रा पर फोकस: संसद में बोले रेल मंत्री

नई दिल्ली। अश्विनी वैष्णव ने संसद में भारतीय रेल के तेजी से हो रहे बदलाव को धीमी वृद्धि से अति-तेज़ परिवर्तन का नया दौर बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल आम आदमी और मध्यम वर्ग के लिए तेज, सुरक्षित, आरामदायक और आधुनिक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है।

रेल मंत्री ने बताया कि सरकार यात्रियों को किफायती यात्रा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्तमान में रेलवे प्रत्येक यात्री के किराए का लगभग 45% वहन कर रहा है, जिससे भारत में रेल यात्रा दुनिया के कई देशों की तुलना में सस्ती बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि देशभर में लगभग 1.37 लाख किलोमीटर के रेल नेटवर्क पर 25,000 से अधिक ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जो लोगों और माल ढुलाई दोनों में अहम भूमिका निभा रही हैं। पिछले वर्षों में माल ढुलाई में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे भारतीय रेल वैश्विक स्तर पर प्रमुख स्थान पर पहुंच गई है।

बजट 2026-27 में रेलवे को लगभग 2.78 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन मिला है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति मिलेगी। मंत्री ने बताया कि रेलवे बजट को आम बजट में शामिल करने से फंडिंग बढ़ी है, निर्णय प्रक्रिया तेज हुई है और पारदर्शिता में सुधार हुआ है।

सुरक्षा के क्षेत्र में भी बड़े सुधार हुए हैं। रेल दुर्घटनाओं में करीब 90% की कमी आई है। स्वदेशी ?कवच? सुरक्षा प्रणाली को तेजी से लागू किया जा रहा है, जिससे ट्रेन संचालन और अधिक सुरक्षित होगा।

यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नई ट्रेन सेवाएं शुरू की जा रही हैं। देश में 160 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें और 60 अमृत भारत ट्रेनें चल रही हैं, जबकि नई ट्रेनों का निर्माण जारी है। मुंबई के लिए 238 नई उपनगरीय ट्रेनें और 200 नई इंटरसिटी ट्रेनें भी चलाई जाएंगी।

रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे परियोजनाओं के माध्यम से पिछले 10 वर्षों में करीब 5 लाख रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं, जबकि हाल के दो वर्षों में 1.43 लाख प्रत्यक्ष नौकरियां दी गई हैं।

उन्होंने अंत में कहा कि भारतीय रेलवे का यह परिवर्तन 12.5 लाख कर्मचारियों की मेहनत और सरकार की नीतियों का परिणाम है, जो देश को आधुनिक और मजबूत परिवहन व्यवस्था की ओर ले जा रहा है।