प्यार में राधा बन जाना अंतरराष्ट्रीय श्रेया क्लब की मासिकगोष्ठी हुई संपन्न 

क्लब की संस्थापक डॉ अर्चना श्रेया के निर्देशन में सभी प्रतिभागी स्वतंत्र विषय पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत की
महिला दिवस के पावन अवसर को समर्पित करते हुए काव्यपाठ के लिए कवयित्रियाँ उपस्थित रही ।
मीता लुनिवाल के संयोजन में हुई गोष्ठी बहुत ही खूबसूरत रही।
कार्यक्रम का आगाज छंद गुरु सुषमा ने सुंदर मां की आराधना
सरस्वती वंदना कर पटल पर वीणावादिनि को विराजित किया । डॉ आनंदी सिंह रावत मुंबई से शिक्षिका,समाजसेवी,कवियत्री ने संचालन का दायित्व निभाया ।
सभी कवियत्रियों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं प्रस्तुत की ।
डॉ सुमन ने महिला दिवस पर इतना खूबसूरत संदेश अपनी रचना से दिया पूरा पटल सुशोभित हो गया
इसी तरह राजलक्ष्मी ,ममता सक्सेना ,नीरजा और किरण अग्रवाल ,ने पूरे पटल को नारी की महिमा कर दिव्य काव्य पाठ के माध्यम से महिला दिवस को मनाया सभी के खिले हुए चेहरे से पता ही नहीं लग रहा था कि यह ऑनलाइन है कि ऑफलाइन
शोभा रानी ने अपनी रचना से अंतरराष्ट्रीय श्रेया क्लब की ऑनलाइन गोष्ठी की शोभा ही बढ़ाई उनकी लाजवाब प्रस्तुति रही, सभी ने बहुत बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया । सारे रचनाकार देश के कोने-कोने से आठ राज्य से जुड़े हुए थे।
श्रीमती संतोष एव अनिता की सुंदर सुंदर उनकी रचनाओं से सभी का मन मोह लिया ।
डॉ आनंदी सिंह ने भी अपनी कविता का पाठ किया जो भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हेतु था,(मेरा राष्ट्र,भाग्य विधाता) राष्ट को मां बताया
अंत में अंतराष्ट्रीय श्रेया क्लब की संस्थापक डॉ अर्चना श्रेया जी की रचना
बहुत ही सराहनीय और प्रेरणादायक रही श्रेया ने दो रचना सुनाया पहली नारी शक्ति पर और दूसरी जिनके वजूद से हम नारियां है प्रेम पर आधारित रचना पढ़ी ।

बरसो तो प्रशांत बन जाना ठहरे तो समय हो जाना
प्रेम की पराकाष्ठा हो प्रिये है प्यार में राधा बन जाना

शोभा रानी ने इस पटल को मायका नाम दिया।
इसी प्रकार के गूगल मीट का आयोजन कर्ता डॉ अर्चना श्रेया ब्रह्मांड को बेहतरीन संदेश देने हेतु करती रहती है ऐसा आयोजन हमेशा हो सभी ने मिलकर उनसे निवेदन किया उनको शुभकामनाएं दिया।
श्रेया के सात पटल में से यह दूसरा पटल है जो महिला प्रकोष्ठ के नाम से विख्यात है।
आयोजन में आनंदी का सहयोग उल्लेखनीय रहा।