एनसीआरईएस के साथ महाप्रबंधक उत्तर मध्य रेलवे की अध्यक्षता में स्थायी वार्ता तंत्र की बैठक आयोजित

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय, प्रयागराज में जोनल स्तर पर उत्तर मध्य रेलवे कर्मचारी संघ (एनसीआरईएस) के साथ स्थायी वार्ता तंत्र की दो दिवसीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने की।

बैठक को संबोधित करते हुए महाप्रबंधक ने कहा कि उत्तर मध्य रेलवे भारतीय रेल का एक महत्वपूर्ण जोन है, जो देश के उत्तर भाग को दक्षिण और पूर्व से जोड़ने का कार्य करता है। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली?हावड़ा रेल मार्ग का लगभग 53 प्रतिशत तथा नई दिल्ली?चेन्नई रेल मार्ग का लगभग 26 प्रतिशत भाग उत्तर मध्य रेलवे के अंतर्गत आता है।

उन्होंने कहा कि जनवरी और फरवरी माह में तीर्थराज प्रयागराज में आयोजित माघ मेला 2026 के सफल संचालन में उत्तर मध्य रेलवे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त टिकट काउंटर, स्वचालित टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम), पीआरएस काउंटर, उद्घोषणा प्रणाली, प्राथमिक उपचार केंद्र, ऑब्जर्वेशन रूम, चिकित्सकों एवं मेडिकल स्टाफ के साथ एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई।

महाप्रबंधक ने बताया कि वित्तीय वर्ष 01 अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक उत्तर मध्य रेलवे से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या 12.93 करोड़ रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2.9 प्रतिशत अधिक है। इससे 2864.87 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई। इसी अवधि में प्रारंभिक मालभाड़ा लदान से 1896.49 करोड़ रुपये की आय हुई। इस प्रकार जोन की कुल आय 5025.30 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4.4 प्रतिशत अधिक है।

अवसंरचना विकास की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025?26 के दौरान 110 पुलों के लक्ष्य के मुकाबले 118 पुलों का पुनर्निर्माण या सुदृढ़ीकरण किया गया। इसके अलावा 30 फुट ओवर ब्रिज (एफओबी), 13 रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) और 41 रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) का निर्माण किया गया। इसी अवधि में 43 यार्डों के दोषपूर्ण लेआउट में सुधार किया गया।

सुरक्षा और आधुनिकीकरण के क्षेत्र में उत्तर मध्य रेलवे ने उल्लेखनीय कार्य किए हैं। वर्ष 2025?26 के दौरान 709 किलोमीटर रेल मार्ग पर ?कवच? प्रणाली स्थापित की गई तथा अब तक 185 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव में टक्कर रोधी उपकरण ?कवच? लगाया जा चुका है। झांसी और कानपुर के विद्युत लोको शेड में 56 नए तीन-फेज इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव कमीशन किए गए। इसके अतिरिक्त 150 किलोमीटर नई ओएफसी लाइन तथा 111 किलोमीटर नई क्वाड केबल की कमीशनिंग की गई। सुरक्षा की दृष्टि से 15 समपार फाटकों का उन्मूलन किया गया तथा 80 स्टेशनों और लोकेशनों पर फायर अलार्म सिस्टम स्थापित किए गए।

महाप्रबंधक ने कहा कि कर्मचारी संगठन की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनका कल्याण सदैव रेलवे प्रशासन की प्राथमिकता रहा है। कर्मचारियों की समस्याओं के पारदर्शी समाधान के लिए सभी मंडलों और इकाइयों में सिंगल विंडो निवारण सेल स्थापित किए गए हैं, जिनमें प्राप्त 32,340 संदर्भों में से 98.15 प्रतिशत का निस्तारण किया जा चुका है।

वर्ष 2025?26 के दौरान 20,571 रेल कर्मचारियों को उनके कार्यक्षेत्र से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसके अलावा 150 मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को नौकरी प्रदान की गई, जिनमें से लगभग 90 प्रतिशत मामलों में एक माह के भीतर अनुकंपा नियुक्ति दी गई। अन्य सेवानिवृत्ति मामलों में 215 प्रकरणों का समापन भुगतान किया गया, जिनमें से लगभग 90 प्रतिशत का भुगतान तीन माह के भीतर कर दिया गया।

इसी अवधि में चयन, उपयुक्तता और ट्रेड टेस्ट के माध्यम से 5,780 कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया गया। रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) और रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ (आरआरसी) से प्राप्त 1,034 एवं 7 अभ्यर्थियों को विभिन्न इकाइयों में समाहित किया गया। रोजगार मेले के माध्यम से 1,033 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।

कर्मचारियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उत्तर मध्य रेलवे में 445 स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 59,869 कर्मचारियों की जांच की गई। इसके अतिरिक्त 15 विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए, जिनमें हृदय रोग, कैंसर और हड्डी संबंधी बीमारियों की जांच की गई तथा 1,702 लाभार्थियों को इसका लाभ मिला।

इस अवसर पर सभी प्रमुख विभागाध्यक्षों के साथ एनसीआरईएस के अध्यक्ष वी. जी. गौतम, महामंत्री आर. पी. सिंह तथा संगठन के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में उत्तर मध्य रेलवे के प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी मुदित चन्द्रा ने उपस्थित अधिकारियों और यूनियन पदाधिकारियों का स्वागत किया।

महाप्रबंधक ने उत्तर मध्य रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि रेल प्रशासन और कर्मचारी संगठनों के बीच बेहतर समन्वय से ही रेलवे की प्रगति और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकती हैं।