एलाऊ पुलिस का अजब गजब कारनामा   जेसीबी संचालक के विरुद्ध पुलिस पर झूठा मुकदमा लगाने का आरोप, पुलिस अधीक्षक से पीड़ित ने शिकायत मे निष्पक्ष जांच कर लगाई न्याय की गुहार,

मैनपुरी एलाऊ पुलिस का अजब गजब कारनामा
जेसीबी संचालक के विरुद्ध पुलिस पर झूठा मुकदमा लगाने का आरोप, पुलिस अधीक्षक से पीड़ित ने शिकायत मे निष्पक्ष जांच कर लगाई न्याय की गुहार,
वैसे तो उत्तर प्रदेश सरकार खनन और भू माफिया के विरुद्ध अभियान चलाते हुए कड़ी कार्रवाई का दावा करते हुए नजर आ रही है. लेकिन मैनपुरी में अवैध खनन का सिलसिला पुलिस की मिली भगत से खुलेआम चल रहा है आरोप है कि यह अवैध खनन क्षेत्रीय थाना पुलिस को प्रति रात्रि 3500 से लेकर ₹5000 की सुविधा शुल्क देकर जेसीबी और टेक्टरो के माध्यम से कराया जा रहा है आरोप है कि होली पर बिना खनन कराए पुलिस को रुपए नहीं दिए गए तो पुलिस ने जेसीबी संचालक पुत्र के विरुद्ध संगीन धाराओं में झूठा मुकददमा दर्ज कर जेल भेज दिया है
पूरा मामला जनपद मैनपुरी के थाना एलाऊ से जुड़ा हुआ है इस संबंध में जेसीबी संचालक गिरीश चंद्र यादव निवासी ग्राम पहाड़पुर नगला खिल्ला थाना एलाऊ ने पुलिस अधीक्षक एवं जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देते हुए थाना अध्यक्ष एलाउ पर गंभीर आरोप लगाए है
आप है कि बीते 7 मार्च 2026 को रात्रि 9:00 बजे मेरे पुत्र मोनू उर्फ विजय के मोबाइल नंबर 825100 1144 पर सिपाही रविकांत जो थाना अध्यक्ष का चालाक है के मोबाइल नंबर 95 5751 35 37 से कॉल कर बुलाया गया तत्काल ही पुत्र थाना पहुंचा तो उसे कमरे में ले जाकर उसकी जेब में रख दो मोबाइल फोन और 20000 की नगदी थाना अध्यक्ष ने ले ली और इसके अलावा षड्यंत्र रचते हुए 11 और 11:30 बीच थाने में तैनात मुंशी हरिओम ने प्रार्थी के फोन पर कॉल करके जेसीबी की चाबी मांगी गई तो प्रार्थी ने अपने रिश्तेदार जो फतेहपुर गढ़ी का रहने वाला ओमवीर सिंह के हाथ रात्र 12 बजे के लगभग थाने में जेसीबी की चाबी दी जाकर पुलिस ने जेसीबी को जप्त करते हुए जो प्रार्थी के ट्यूबवेल पर खड़ी थी और एक ट्रैक्टर को भी बरामद किया है और जो पहले से ही पकड़े गए उसके पुत्र मोनू को पुलिस पर जानलेवा हमला का प्रयास व अवैध खनन के संगीन धाराओं में झूठा मुकददमा दर्ज कर जेल भेजा है
पुलिस द्वारा किए गए अजब गजब कारनामे को लेकर थाना अध्यक्ष एलाऊ पर सांवलिया निशान लगाते हुए नजर आ रहे है
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक व जिलाधिकारी से मांग की है बीते 7 मार्च 2026 रात्र लगभग 9:00 बजे से मुकदमा पंजीकरण होने तक की सीसीटीवी फुटेज के अलावा सिपाही रविकांत फोन नंबर की कॉल डिटेल सुरक्षित कर निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है इस संबंध में ज्यादा जानकारी देते हुए पीड़ित गिरीश चंद्र और रिश्तेदार ओमवीर ने क्या कुछ बताया देखें यह रिपोर्ट