प्रयागराज। कुम्भ-2031 की तैयारियों को लेकर रेलवे प्रशासन एवं सिविल प्रशासन के मध्य समन्वय बैठक आयोजित

कुम्भ-2031 की तैयारियों को लेकर रेलवे प्रशासन एवं सिविल प्रशासन के मध्य समन्वय बैठक आयोजित

आगामी कुम्भ-2031 की तैयारियों को सुव्यवस्थित एवं समन्वित रूप से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से 10 मार्च को प्रयागराज मण्डल कार्यालय के संकल्प सभागार में मण्डल रेल प्रबन्धक/प्रयागराज रजनीश अग्रवाल की अध्यक्षता में रेलवे प्रशासन एवं सिविल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में कुम्भ-2031 के दौरान संभावित विशाल यात्री एवं श्रद्धालु आवागमन को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक, मध्यम अवधि तथा अल्पकालिक विकास कार्यों की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में जिलाधिकारी प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा तथा अपर मण्डल रेल प्रबन्धक/सा. प्रशा दीपक कुमार, उपाध्यक्ष PDA ऋषि राज सहित रेलवे एवं सिविल प्रशासन के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान प्रयागराज क्षेत्र के प्रमुख रेलवे स्टेशनों के समग्र विकास को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया। इस क्रम में वर्तमान अवसंरचना का गैप एनालिसिस करने के लिए एक संयुक्त समिति गठित करने पर सहमति बनी। इसके अंतर्गत प्रयागराज जंक्शन के साथ-साथ सूबेदारगंज, नैनी, छिवकी, झूंसी तथा फाफामऊ स्टेशनों को भी आधुनिक यात्री सुविधाओं से युक्त विकसित करने के प्रस्ताव पर विचार किया गया। साथ ही प्लेटफार्म विस्तार, फुटओवर ब्रिज निर्माण, प्रवेश-निकास मार्गों के सुदृढ़ीकरण तथा सर्कुलेटिंग एरिया के विकास जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए रेलवे स्टेशनों और मेला क्षेत्र के बीच बेहतर कनेक्टिविटी विकसित करने की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया गया। इस दिशा में बस, ई-रिक्शा एवं अन्य परिवहन साधनों के समन्वित संचालन के साथ एक डेडिकेटेड सर्कुलर रोड कॉरिडोर विकसित करने पर चर्चा की गई, जिससे मेला क्षेत्र, रेलवे स्टेशन तथा बस अड्डों के बीच आवागमन और अधिक सुगम बनाया जा सके। इसके अतिरिक्त मेला क्षेत्र और स्टेशनों के मध्य स्थायी यात्री आश्रय स्थलों के निर्माण का भी सुझाव दिया गया।

भीड़ प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग की संभावनाओं पर भी विचार किया गया, जिससे मेला अवधि के दौरान यात्रियों की संख्या का सटीक आकलन कर व्यवस्थाओं को उसी अनुरूप संचालित किया जा सके। साथ ही यात्रियों के मार्गदर्शन के लिए समेकित संचार व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया, जिसमें घोषणाएँ, साइनेज, डिजिटल डिस्प्ले एवं अन्य सूचना प्रणालियाँ शामिल होंगी।

अवसंरचनात्मक विकास के अंतर्गत यमुना नदी पर नए रेलवे नैनी ब्रिज का निर्माण, प्रयागराज क्षेत्र में इरादतगंज तथा पानी की टंकी के समीप नए ROB/RUB, जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त सूबेदारगंज स्टेशन को जी.टी. रोड से जोड़ने वाले संपर्क मार्गों के चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण, सिविल लाइंस साइड स्थित नवाब यूसुफ रोड के चौड़ीकरण तथा रेलवे अस्पताल चौराहा पर गोल चक्कर के निर्माण जैसे विषय भी विचाराधीन रहे।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कुम्भ-2031 के लिए बाह्य एवं आंतरिक यातायात योजना को कम से कम एक वर्ष पूर्व अंतिम रूप दिया जाएगा तथा सभी कार्यों के लिए समय-सीमा निर्धारित करते हुए उनका चरणबद्ध क्रियान्वयन और नियमित प्रगति समीक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक के अंत में दोनों प्रशासनिक तंत्रों ने समन्वित प्रयासों के माध्यम से कुम्भ-2031 के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।