मां वैष्णो देवी के भक्तों को डबल फायदा: भीड़ कम होने से पवित्र गुफा में दिन-रात मिल रही एंट्री, मौसम भी दे रहा साथ

मां वैष्णो देवी के भक्तों को डबल फायदा: भीड़ कम होने से पवित्र गुफा में दिन-रात मिल रही एंट्री, मौसम भी दे रहा साथ

कटड़ा में मौसम बदलने से तापमान बढ़ा है, पर रात-सुबह ठंड बनी हुई है। बोर्ड परीक्षाओं के कारण वैष्णो देवी यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या कम है, जिससे उन्हें आसानी से दर्शन मिल रहे हैं, यहां तक कि प्राचीन गुफा में भी प्रवेश मिल रहा है। श्राइन बोर्ड सभी सुविधाएं सुचारु रूप से प्रदान कर रहा है। होली के बाद यात्रा में तेजी आने की उम्मीद है।

कटड़ा में तापमान बढ़ने पर भी यात्रा सुगम रही

कम भीड़ के कारण श्रद्धालुओं को सहज दर्शन मिले

श्राइन बोर्ड द्वारा सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं

कटड़ा (जम्मू)। जम्मू के कटड़ा में बदले मौसम के कारण तापमान में वृद्धि हुई है। इसके चलते त्रिकुटा पर्वत की पवित्र यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को गर्मी का एहसास हो रहा है। हालांकि, रात्रि और सुबह के समय हल्की ठंड अब भी बनी हुई है, जिससे यात्री गर्म कपड़े लेकर भवन की ओर प्रस्थान कर रहे हैं।

मौसम के इस मिले-जुले मिजाज के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है और वे उत्साह के साथ मां के दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं। वर्तमान में यात्रा में अपेक्षाकृत कमी का लाभ श्रद्धालुओं को मिल रहा है। भीड़ कम होने के कारण श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के पवित्र भवन में पहुंचकर सहजता से दर्शन कर पा रहे हैं। कई श्रद्धालुओं को दिन और रात्रि दोनों समय मां की प्राचीन गुफा में प्रवेश का सौभाग्य भी प्राप्त हो रहा है।

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित की जा रही हैं। हेलीकॉप्टर, बैटरी कार और रोपवे/केबल कार सेवा सहित अन्य सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध हैं। सुरक्षा, स्वच्छता और चिकित्सा प्रबंध भी संतोषजनक हैं, जिससे श्रद्धालु निश्चिंत होकर यात्रा पूरी कर रहे हैं।

देशभर में जारी बोर्ड परीक्षाओं के चलते यात्रा में कुछ गिरावट देखी जा रही है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 13 हजार से 16 हजार श्रद्धालु आधार शिविर कटड़ा पहुंच रहे हैं। मंगलवार को शाम छह बजे तक करीब 12 हजार श्रद्धालु पंजीकरण करवाकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे। मंगलवार को मौसम का मिजाज भी मिला-जुला रहा। स्थानीय व्यापारियों को उम्मीद है कि मार्च माह में होली पर्व के बाद यात्रा में फिर से तेजी आएगी।