* महाशिवरात्रि व्रत भगवान शिव और माता पार्वती का मिलन का उत्सव *

साउथ दिल्ली/ मैदान गढ़ी/ 15 - 02 -2026 ,

महाशिवरात्रि का व्रत हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन का उत्सव है। अगर आप इस व्रत को रखने की सोच रहे हैं, तो यहाँ कुछ मुख्य बातें दी गई हैं:

व्रत के नियम और विधि

* संकल्प: सुबह जल्दी स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और भगवान शिव के सामने व्रत का संकल्प लें।

* पूजन: मंदिर जाकर या घर पर ही शिवलिंग का जलाभिषेक करें। उन्हें बेलपत्र, धतूरा, फल, फूल और चंदन अर्पित करें।

* मंत्र जाप: 'ॐ नमः शिवाय' का जाप पूरे दिन मन में करते रहें।

* जागरण: महाशिवरात्रि की रात को जागरण का विशेष महत्व है। माना जाता है कि इस रात शिव जी की ऊर्जा ब्रह्मांड में सबसे अधिक होती है।

खाने-पीने से जुड़े नियम

शिवरात्रि का व्रत मुख्य रूप से तीन तरीके से रखा जाता है:

* निर्जला व्रत: इसमें पूरे दिन पानी की एक बूंद भी नहीं पी जाती (यह काफी कठिन होता है)।

* फलाहार: इसमें आप फल, दूध, जूस और पानी का सेवन कर सकते हैं।

* सात्विक भोजन: कई लोग शाम की पूजा के बाद कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा, साबूदाना या आलू जैसी फलाहारी चीजें खा लेते हैं।

> ध्यान दें: व्रत में अन्न (गेहूं, चावल, दाल), प्याज, लहसुन और सफेद नमक का सेवन वर्जित है। साधारण नमक की जगह सेंधा नमक का प्रयोग करें

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क्या करें

* सात्विक विचार रखें और भक्ति में मन लगाएं। | किसी की निंदा या बुराई न करें। |

* संभव हो तो रुद्राभिषेक करें। | शिवलिंग पर तुलसी दल या केतकी का फूल न चढ़ाएं। |

* दान-पुण्य का कार्य करें। | तामसिक भोजन या नशीले पदार्थों से दूर रहें। |

मैदान गढ़ी गांव के शिव मंदिर का प्राचीन इतिहास है , मंदिर के पुजारी श्री पंकजाचार्य ने शिव जी की महिमा के बारे में बताया कि आज के दिन " शिव - पार्वती " का मिलन हुआ था , आज के दिन " शिव " की बारात बड़े ही धूमधाम से नील धारा होती हुई दक्ष प्रजापति तक जाती ' शिव ' की बारात के दर्शन मात्र से ही जन्मजन्मांतर के पाप कर जाते हैं।