सुरक्षित व संरक्षित रेल संचालन में परिचालन विभाग की भूमिका सर्वोपरि-डीआरएम

सुरक्षित व संरक्षित रेल संचालन में परिचालन विभाग की भूमिका सर्वोपरि-डीआरएम

सेफ्टी सेमिनार में अधिकारियों-कर्मचारियों से सजग,सतर्क व नियमबद्ध कार्य निष्पादन का आह्वान

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल पर गुरुवार को सुरक्षित एवं संरक्षित रेल संचालन में परिचालन विभाग की भूमिका को केंद्र में रखते हुए एक दिवसीय सेफ्टी सेमिनार का आयोजन किया गया। डीआरएम कार्यालय सभागार में आयोजित इस सेमिनार की अध्यक्षता मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने की।

सेमिनार में जोधपुर मंडल के स्टेशन अधीक्षक,यातायात निरीक्षक,ट्रेन मैनेजर काउंसलर तथा मंडल यातायात निरीक्षकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षित रेल संचालन,समयपालन,सिग्नलिंग समन्वय,ट्रेन संचालन में सावधानियां,आपात स्थितियों में त्वरित निर्णय,मानक परिचालन प्रक्रियाओं एसओपी के पालन तथा मानव त्रुटियों की रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि रेल सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें परिचालन विभाग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि स्टेशन स्तर से लेकर मंडल स्तर तक प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी की सजगता,सतर्कता और नियमों के प्रति प्रतिबद्धता ही सुरक्षित रेल संचालन की आधारशिला है। डीआरएम ने कहा कि रेल संचालन से जुड़े समस्त कार्मिक पहले अपना विजन निश्चित करें,लक्ष्य को पूरा करने हेतु योजना बनाएं तत्पश्चात उनके निष्पादन के लिए हर संभव उपाय तथा अपने अधीनस्थों को मोटिवेट करें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से सेफ्टी काउंसलिंग,ब्रिफिंग तथा फील्ड निरीक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को सतर्क रखें। साथ ही ट्रेन संचालन के दौरान आपसी समन्वय,स्पष्ट संचार और समय पर सूचना आदान-प्रदान पर विशेष जोर देने की आवश्यकता बताई।

सेमिनार के दौरान प्रतिभागियों ने अपने-अपने कार्य क्षेत्रों से जुड़े अनुभव साझा किए तथा सुरक्षित रेल परिचालन को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु सुझाव भी प्रस्तुत किए। परिचालन प्रक्रियाओं में निरंतर सुधार,नवीन तकनीकों के प्रभावी उपयोग और प्रशिक्षण के माध्यम से सुरक्षा स्तर को और ऊंचा उठाने पर भी चर्चा की गई। प्रारंभ में वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक लोकेश कुमार सिंह ने स्वागत किया तथा सेफ्टी सेमिनार के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

सेफ्टी फर्स्ट की भावना से कर्तव्यों के निर्वहन का संकल्प

कार्यक्रम के अंत में यह संकल्प लिया गया कि ?सेफ्टी फर्स्ट? की भावना के साथ सभी रेलकर्मी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे ताकि यात्रियों को सुरक्षित,विश्वसनीय और समयबद्ध रेल सेवा उपलब्ध कराई जा सके।