बेटियों का सशक्तिकरण ही दहेज का नाशक -डॉ.उदयराज मिश्र

अंबेडकर नगर।"किसी भी सभ्य समाज में विवाह के नाम पर वर पक्ष द्वारा कन्या पक्ष से धन और वस्तुओं की अवांछित मांग न तो सामाजिक दृष्टिकोण से उचित है और न ही कानूनी।इसका सम्यक समाधान बेटियों के सशक्तिकरण से ही संभव है।"ये उद्गार जानेमाने शिक्षाविद् डॉ.उदयराज मिश्र ने व्यक्त किए।श्री मिश्र गांधी स्मारक इंटर कॉलेज,राजेसुलतानपुर के रासेयो के विशेष शिविर के चतुर्थ दिवस आयोजित बौद्धिकी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
ज्ञातव्य है कि इससे पूर्व आज राजेसुलतानपुर चौक से संस्कृत पाठशाला, बछुवापार तक सड़क पटरी की सफाई के साथ नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से स्वच्छता के बारे में जनजागरुकता अभियान चलाया गया।जिसके उपरांत कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत प्रधानाचार्य डॉ.कप्तान सिंह ने वाग्देवी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्पार्चन के साथ वैदिक मंत्रों सहित किया।
दिलचस्प बात यह है कि आज बौद्धिक के दहेज विषयक संभाषण पर बालिकाओं ने जीभर कर दहेज लोभियों को कोसा जबकि बालकों ने भी इसके विरोध में जोरदार समर्थन किया।
आज बौद्धिकी को पूर्व शिक्षक राम चरण सिंह,राजेश मिश्र,सुधीर शुक्ल राणा प्रताप सिंह कैप्टन मंजू सिंह सहित अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया।