41 गांव में पहली बार होगा ध्वजारोहण, माओवाद मुक्त होने से ग्रामीणों में ख़ुशी

रायपुर। बस्तर क्षेत्र में माओवाद के प्रभाव से मुक्त हुए 41 गांवों में इस बार पहली बार गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराया जाएगा. आजादी के बाद ये पहला मौका होगा. यह कदम ?रेड टेरर? के अंत और शांति व विकास की शुरुआत को दर्शाता है. इन 41 गांवों में से 13 बीजापुर जिले में, 18 नारायणपुर में और 10 सुकमा जिले में स्थित हैं. बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने न्यूज एजेंसी को यह जानकारी दी. आईजी सुंदरराज ने कहा कि 76वां गणतंत्र दिवस बस्तर संभाग के इन गांवों में पहली बार पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा. ये गांव दशकों तक राष्ट्रीय आयोजनों से कटे रहे, लेकिन अब लोकतांत्रिक और संवैधानिक भावना से जुड़ रहे हैं.

उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों में इन इलाकों में सुरक्षा कैंप स्थापित होने से स्थानीय लोगों में भरोसा लौटा है, शासन-प्रशासन मजबूत हुआ है और लोगों में देश से जुड़ाव की भावना पैदा हुई है.आईजी ने कहा कि पिछले साल 15 अगस्त को 13 गांवों में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया था. अब इन्हें मिलाकर कुल 54 गांव ऐसे हो जाएंगे, जहां पहली बार गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा. सुंदरराज के मुताबिक, अभुजमाड़ और नेशनल पार्क क्षेत्र में बसवराजू, के. रामचंद्र रेड्डी, सुधाकर, कट्टा सत्यनारायण रेड्डी जैसे वरिष्ठ माओवादी नेताओं के निष्प्रभावी होने से उग्रवाद कमजोर पड़ा है और डर की जगह शांति व विकास ने ले ली हैl