रेल प्रशासन द्वारा विशेष मेला गाड़ियों के समयबद्ध एवं निर्बाध संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता

रेल प्रशासन द्वारा विशेष मेला गाड़ियों के समयबद्ध एवं निर्बाध संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता

02 से 16 जनवरी तक 394 मेला विशेष गाड़ियों का सफल संचालन

02 से 16 जनवरी तक माघ मेला-2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज मंडल रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व में एवं अपर मंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज मंडलदीपक कुमार के मार्गदर्शन में उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज मंडल की टीम द्वारा व्यापक स्तर पर विशेष एवं नियमित रेलगाड़ियों का संचालन किया गया।

उक्त अवधि में उत्तर मध्य रेलवे (NCR) द्वारा 298 मेला विशेष रेलगाड़ियों का संचालन किया गया। इसके अतिरिक्त उत्तर रेलवे (NR) की 34 तथा पूर्वोत्तर रेलवे (NER) की 62 मेला विशेष रेलगाड़ियाँ भी चलाई गईं। इस प्रकार उत्तर मध्य रेलवे, उत्तर रेलवे एवं पूर्वोत्तर रेलवे को मिलाकर कुल 394 मेला विशेष रेलगाड़ियों का संचालन सुनिश्चित किया गया।

इन मेला विशेष रेलगाड़ियों में यात्रियों की आवश्यकता के अनुरूप संचालित एक्सटेंडेड सेवाएँ, रिंग रेल सेवाएँ, टाइम टेबल्ड शॉर्ट डिस्टेंस सेवाएँ तथा अतिरिक्त विशेष रेलगाड़ियों का संचालन भी सम्मिलित रहा, जिससे मेला क्षेत्र एवं आसपास के प्रमुख स्टेशनों के मध्य यात्री आवागमन सुचारु बना रहा।

साथ ही मेला अवधि के दौरान 2710 नियमित रेलगाड़ियाँ (NCR-2408, NR-212 एवं NER-90) भी संचालित रहीं। इस प्रकार 02 जनवरी से 16 जनवरी 2026 की अवधि में कुल 3104 रेलगाड़ियों का सुरक्षित एवं सुचारु संचालन किया गया।

रेल प्रशासन द्वारा मेला विशेष रेलगाड़ियों के समयबद्ध एवं निर्बाध संचालन को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की गई। इसके अंतर्गत विशेष गाड़ियों को लाइन क्लीयरेंस, प्लेटफॉर्म आवंटन एवं परिचालन नियंत्रण में वरीयता दी गई, जिससे श्रद्धालुओं को अनावश्यक प्रतीक्षा का सामना न करना पड़े। कंट्रोल कार्यालयों द्वारा निरंतर निगरानी, अतिरिक्त रेलकर्मियों की तैनाती तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि सभी विशेष रेलगाड़ियाँ निर्धारित समयानुसार संचालित हों।

इन समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप माघ मेला-2026 के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर, सुरक्षित एवं सुगम रेल यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।