कांग्रेस ने छेड़ा मनरेगा बचाओ संग्राम, मंजू मित्रा के नेतृत्व में हरदोई से व्यापक जन-आंदोलन, मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई तेज

हरदोई। केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियों के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने हरदोई से मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान के तहत व्यापक जन-आंदोलन की शुरुआत की है। शनिवार, 10 जनवरी 2026 को जिला कांग्रेस कार्यालय, हरदोई में एक महत्वपूर्ण बैठक एवं पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विक्रम पाण्डेय ने की, जबकि शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुपम दीक्षित की गरिमामयी उपस्थिति रही। यह आयोजन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के निर्देशानुसार किया गया।
कार्यक्रम के दौरान मनरेगा बचाओ समिति की नवनियुक्त जिला संयोजक मंजू मित्रा को अभियान के जिला संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई। अपने संबोधन में मंजू मित्रा ने कहा कि मनरेगा गरीबों और ग्रामीण मजदूरों की जीवनरेखा है, लेकिन वर्तमान सरकार की उपेक्षा के कारण मजदूरों को 100 दिन का रोजगार नहीं मिल पा रहा है और मजदूरी भुगतान में लगातार देरी हो रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा बचाओ संग्राम के माध्यम से गांव-गांव जाकर मजदूरों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष विक्रम पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना देश को दी थी, लेकिन भाजपा सरकार इसे कमजोर कर रही है, जो गरीबों पर सीधा हमला है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुपम दीक्षित ने मनरेगा में भ्रष्टाचार, काम की कमी और भुगतान में देरी को गंभीर समस्या बताया।
पत्रकार वार्ता में प्रमुख मुद्दों 100 दिन का रोजगार न मिलना, मजदूरी भुगतान में देरी, जॉब कार्डधारकों का शोषण तथा पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार को प्रमुखता से उठाया गया। साथ ही आंदोलन का तिथिवार कार्यक्रम घोषित किया गया, जिसमें जन-चौपाल, शांतिपूर्ण उपवास, जनसंवाद और 3 फरवरी को कलेक्ट्रेट में रैली व धरना-प्रदर्शन शामिल है।
कार्यक्रम में पूर्व जिला अध्यक्ष अजय सिंह, गोपामऊ विधानसभा की पूर्व प्रत्याशी सुनीता देवी, जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष मोहन सिंह, हरदोई बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित सदस्य अजीत विशाल, जिला उपाध्यक्ष भुट्टो मियां, अजीत सिंह, गोपाल पांडे, राजेंद्र वर्मा, ममता पाल, मेहताब अहमद, इस्लाम गाजी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे। अंत में यह संकल्प लिया गया कि मजदूरों को उनका अधिकार दिलाने तक यह आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।