वाराणसी में स्पाइस जेट पर गंभीर आरोप, फ़ैज़ान अंसारी ने ठोकी ₹1 करोड़ की मानहानि शिकायत

वाराणसी।स्पाइस जेट एयरलाइंस के खिलाफ वाराणसी में एक बड़ा मामला सामने आया है, जिससे यात्रियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्पाइस जेट की फ्लाइट संख्या SG329 से सफर कर रहे एक यात्री ने एयरलाइंस पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक करोड़ रुपये के मानहानि दावे की शिकायत दर्ज कराई है। �यात्री फैजान अंसारी ने वाराणसी के पुलिस कमिश्नर को प्रार्थना पत्र देकर स्पाइस जेट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।फ़ैज़ान का आरोप है कि संबंधित फ्लाइट को बिना पूर्व सूचना के लखनऊ में उतार दिया गया, जबकि फ्लाइट को वाराणसी पहुंचना था। यात्री फैजान अंसारी के अनुसार, यह फ्लाइट बीती रात वाराणसी आने वाली थी, लेकिन अचानक निर्णय लेकर यात्रियों को लखनऊ में ही उतार दिया गया। इसके बाद यात्रियों को वाराणसी पहुंचाने के लिए खटारा और असुविधाजनक बसों की व्यवस्था की गई, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।फैजान अंसारी ने पुलिस कमिश्नर को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि स्पाइस जेट की इस फ्लाइट में 150 से अधिक यात्री सवार थे। सभी यात्रियों को रात के समय बसों से वाराणसी भेजा गया, जिससे न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक उत्पीड़न भी हुआ। यात्रियों को न तो कोई स्पष्ट जानकारी दी गई और न ही कोई वैकल्पिक उड़ान या उचित सुविधा उपलब्ध कराई गई।यात्री का कहना है कि एयरलाइंस की इस लापरवाही से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है और उन्हें आर्थिक व मानसिक नुकसान हुआ है। इसी आधार पर उन्होंने स्पाइस जेट के खिलाफ एक करोड़ रुपये का मानहानि दावा ठोकने की बात कही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्पाइस जेट ने यात्रियों के साथ अमानवीय व्यवहार किया और उनकी सुरक्षा व सुविधा की पूरी तरह अनदेखी की।फैजान अंसारी ने अपने शिकायती पत्र में स्पाइस जेट कंपनी के मालिक अजय सिंह के खिलाफ भी मामला दर्ज करने की मांग की है। उनका कहना है कि कंपनी की उच्च प्रबंधन स्तर पर जवाबदेही तय होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस घटना के बाद अन्य यात्रियों में भी स्पाइस जेट के प्रति भारी नाराजगी देखने को मिली। यात्रियों का कहना है कि एक प्रतिष्ठित एयरलाइंस से इस तरह की अव्यवस्था और गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपेक्षित नहीं था। कई यात्रियों ने आरोप लगाया कि बसों की स्थिति बेहद खराब थी और लंबी दूरी की यात्रा रात में करना उनके लिए जोखिम भरा साबित हुआ।
यात्रियों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि तकनीकी या परिचालन कारणों से फ्लाइट को लखनऊ में उतारना जरूरी था, तो इसकी पूर्व सूचना क्यों नहीं दी गई और क्यों यात्रियों के लिए बेहतर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। यात्रियों का कहना है कि एयरलाइंस की ओर से न तो कोई माफी मांगी गई और न ही किसी तरह का संतोषजनक जवाब दिया गया। इस मामले ने एक बार फिर निजी एयरलाइंस की यात्री सेवा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपभोक्ता अधिकारों से जुड़े लोगों का कहना है कि यात्रियों को समय पर सही जानकारी देना और सुरक्षित व सम्मानजनक यात्रा सुनिश्चित करना एयरलाइंस की जिम्मेदारी है। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो यह मामला एयरलाइंस के लिए गंभीर कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है।फिलहाल, स्पाइस जेट की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यात्रियों की नाराजगी और कानूनी कार्रवाई की मांग से यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है।