रंजना होटल में हमले के विरोध में अधिवक्ताओं का चक्का जाम, हरदोई में गिरफ्तारी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल, पुलिस पर गंभीर आरोप

हरदोई। शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित रंजना होटल में रविवार रात को तीन अधिवक्ताओं पर हुए जानलेवा हमले के मामले ने तूल पकड़ लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज़ अधिवक्ताओं ने सोमवार को सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर दिया और अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और पुलिस प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि रंजना होटल के मालिक अनुराग शुक्ला और उनके कर्मचारियों ने मिलकर तीन वकीलों पर लोहे की रॉड व डंडों से हमला किया, लेकिन घटना के कई घंटे बीत जाने के बावजूद शहर कोतवाली पुलिस ने किसी भी मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने शहर कोतवाली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि निर्दोष लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है, जबकि असली आरोपियों को बचाया जा रहा है। इसी को लेकर पुलिस मुर्दाबाद के नारे भी लगाए गए।
अधिवक्ताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक रंजना होटल के मालिक सहित सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। चक्का जाम के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित रही और मौके पर तनाव का माहौल बना रहा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी नगर अंकित मिश्रा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया। बाद में एएसपी पश्चिमी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि शहर कोतवाली में दीपक सिंह द्वारा मारपीट की सूचना दी गई थी, जिस पर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
एएसपी ने बताया कि अधिवक्ताओं द्वारा किया गया प्रदर्शन सांकेतिक था और उन्हें आश्वस्त किया गया है कि घटना में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। हालांकि अधिवक्ताओं का आक्रोश अभी भी बना हुआ है और पूरे घटनाक्रम ने शहर की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।