Chandauli News: चकिया में मंदिर के सन्नाटे में गूंजी मासूम की रोने की आवाज,ग्रामीणों की मानवीय संवेदना और पुलिस की तत्परता ने बचाई नन्ही जान

मंदिर के पास ग्रामीणों ने देखा नवजात, तत्काल दी पुलिस को सूचना,चकिया अस्पताल में उपचार के बाद चाइल्ड लाइन को सौंपा

संवाददाता कार्तिकेय पाण्डेय

चकिया। कोतवाली क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव के समीप शनिवार दोपहर मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया।करीब दो बजे के आसपास ग्रामीण काली मंदिर के पास से गुजर रहे थे, तभी उन्हें मासूम बच्ची की रोने की आवाज़ सुनाई दी।आवाज़ की दिशा में जाने पर लोगों ने मंदिर के बाहरी हिस्से में कपड़े में लिपटी एक नवजात बच्ची को पड़े हुए देखा।अचानक मिले इस दृश्य से मौजूद ग्रामीण स्तब्ध रह गए और कुछ ही मिनटों में मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई।

लोगों ने बिना देरी किए तुरंत चकिया पुलिस को इसकी सूचना दी।सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को बेहद सावधानीपूर्वक अपने संरक्षण में लिया।बच्ची के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने उसे तुरंत चकिया संयुक्त जिला अस्पताल पहुंचाया।अस्पताल में चिकित्सकों ने नवजात का परीक्षण शुरू किया और उसके स्वास्थ्य से जुड़ी प्रारंभिक जांच की।बच्ची की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल प्रशासन और पुलिस लगातार सक्रिय रहे।घटना के बाद ग्रामीणों में तरह?तरह की चर्चाएँ तेज हो गईं।स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर परिसर जैसी शांत जगह पर मासूम को छोड़ना कई सवाल खड़े करता है।कुछ लोगों ने इस घटना को मजबूरी बताया तो कुछ ने इसे समाज की संवेदनहीनता पर सवाल बताया।पुलिस टीम ने घटनास्थल और ग्रामीणों की जानकारी के आधार पर प्रारंभिक पूछताछ की है,ताकि यह पता चल सके कि बच्ची कहां से आई और किन परिस्थितियों में उसे मंदिर के पास छोड़ा गया।फिलहाल बच्ची किसकी है, यह स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन पुलिस पूरी घटना से जुड़ी जानकारी एकत्र कर रही है।स्थानीय लोगों ने समय पर सूचना देकर बच्ची की ज़िंदगी को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।लोगों ने पुलिस और चिकित्सकों के त्वरित सहयोग की भी खुलकर सराहना की।प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत अस्पताल प्रबंधन द्वारा चाइल्ड लाइन को भी सूचना भेज दी गई है।आगे की कानूनी और सुरक्षा प्रक्रिया के अनुसार बच्ची को चाइल्ड लाइन की देखरेख में भेजा जा रहा है।

जिला संयुक्त चिकित्सालय में तैनात महिला चिकित्सक डॉ. उजाला ने नवजात के परीक्षण के उपरांत बताया कि बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है और उसके शरीर पर किसी प्रकार की चोट या संक्रमण के लक्षण नहीं पाए गए हैं।उन्होंने कहा कि नवजात की उम्र कुछ ही दिनों की प्रतीत होती है और समय पर अस्पताल लाए जाने के कारण उसकी जान सुरक्षित रह पाई।डा० उजाला ने बताया कि बच्ची को आवश्यक चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया और उसकी शारीरिक जांच के साथ तापमान, श्वास और हृदय की धड़कन सामान्य पाई गई हैं।उन्होंने कहा कि नवजात को निर्धारित टीकाकरण और पोषण संबंधी प्राथमिक देखभाल उपलब्ध कराई गई है।अस्पताल प्रशासन की ओर से सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्ची को आगे की सुरक्षा और पालन?पोषण के लिए चाइल्ड लाइन को सौंप दिया गया है।साथ ही उन्होंने समाज से अपील की कि ऐसी परिस्थितियों में कभी भी नवजात को असुरक्षित स्थान पर न छोड़ा जाए और सहायता के लिए अस्पताल या प्रशासन से सम्पर्क अवश्य किया जाए।