_बघियारी और फैजपुरकम्‍पू की सीमा का निष्पक्ष निर्धारण कराने की मांग, शिकायत लंबित होने से काश्तकारों में रोष_

*चकबंदी पैमाइश में गड़बड़ी का आरोप, सीमांकन के लिए डीएम से गुहार*

 

_बघियारी और फैजपुरकम्?पू की सीमा का निष्पक्ष निर्धारण कराने की मांग, शिकायत लंबित होने से काश्तकारों में रोष_

 

#हरदोई

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जनपद की बिलग्राम तहसील के अंतर्गत ग्राम बघियारी और फैजपुरकम्?पू के मध्य सीमा निर्धारण एवं चकबंदी पैमाइश को लेकर विवाद सामने आया है। ग्राम गौरा निवासी दिलीप यादव ने चकबंदी विभाग की पैमाइश पर सवाल उठाते हुए जिलाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों से मामले का निष्पक्ष निस्तारण कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि पूर्व में शिकायत और संयुक्त टीम के निरीक्षण के बावजूद विवादित भूमि का सही सीमांकन नहीं हो सका है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, ग्राम बघियारी में गाटा संख्या 272 व 273 में कुल 2.61 हेक्टेयर भूमि उनकी बताई गई है। इसी भूमि से संबंधित गाटा संख्या 271 की पैमाइश के लिए पहले जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया गया था। इसके बाद चकबंदी और राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की संयुक्त टीम गठित की गई थी, लेकिन दोनों गांवों के बीच सीमा स्पष्ट नहीं होने के कारण पैमाइश पूरी नहीं हो सकी।

दिलीप यादव का कहना है कि बाद में गाटा संख्या 271 की पैमाइश के लिए दोबारा टीम गठित की गई। शिकायत में दावा किया गया है कि इस दौरान गाटा संख्या 675 के स्थान पर नए चक संख्या 570, 571, 801, 569 और 902 की नाप भी की गई। आरोप है कि गाटा संख्या 675 में लगभग 0.2530 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि निकलने की बात सामने आई, जिसे शिकायतकर्ता ग्राम बघियारी की भूमि बता रहे हैं। हालांकि, इस दावे की पुष्टि संबंधित राजस्व अभिलेखों और आधिकारिक पैमाइश रिपोर्ट से होना आवश्यक है।

शिकायत लंबित, समाधान का इंतजार

शिकायतकर्ता के मुताबिक, चकबंदी लेखपाल मेराज को मामले से अवगत कराया गया था। उन्होंने फोन पर संपर्क भी किया, लेकिन शिकायतकर्ता का आरोप है कि अब तक सीमा निर्धारण और सही पैमाइश की समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इससे संबंधित काश्तकारों के बीच विवाद बढ़ने की आशंका जताई गई है।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि 12 अक्टूबर 2026 को प्राप्त फीडबैक में मामले का निस्तारण किए जाने की बात कही गई, जबकि शिकायतकर्ता का दावा है कि वास्तविक समस्या अभी भी बनी हुई है। उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया कि बिना विवाद का संतोषजनक समाधान हुए शिकायत को निस्तारित कैसे माना गया।

राजस्व अभिलेखों के आधार पर निष्पक्ष जांच की मांग

दिलीप यादव ने मांग की है कि ग्राम बघियारी और ग्राम फैजपुरकम्?पू की सीमा का राजस्व अभिलेखों एवं उपलब्ध नक्शों के आधार पर पुनः सत्यापन कराया जाए। साथ ही, सक्षम अधिकारियों की निष्पक्ष टीम गठित कर विवादित गाटों की संयुक्त पैमाइश कराई जाए और वास्तविक अभिलेखीय स्थिति के अनुसार सीमांकन किया जाए।

उन्होंने चेतावनी दी है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं होने पर भविष्य में विवाद बढ़ सकता है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।

अब सवाल यह है: क्या जिला प्रशासन शिकायतकर्ता की आपत्ति पर दोबारा निष्पक्ष पैमाइश कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगा? क्या शिकायत के निस्तारण की रिपोर्ट और मौके की वास्तविक स्थिति का मिलान कराया जाएगा? इन सवालों के जवाब संबंधित विभाग की जांच और आधिकारिक अभिलेख सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।