हाइवा की चपेट में आने से 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत, चालक-खलासी गिरफ्तार चार साल पहले किशोर की मौत के बाद बड़े वाहनों पर लगी थी रोक, अब फिर ओवरलोड हाइवा की आवाजाही पर उठे सवाल!

हाइवा की चपेट में आने से 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत, चालक-खलासी गिरफ्तार

 

चार साल पहले किशोर की मौत के बाद बड़े वाहनों पर लगी थी रोक, अब फिर ओवरलोड हाइवा की आवाजाही पर उठे सवाल!

 

अरविंद सिंह मौर्य | ब्यूरो चंदौली

 

 चकिया, चंदौली। चकिया की ओर से आ रही हाइवा की चपेट में आने से लाठियां निवासी 70 वर्षीय बाढ़ू चौहान की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के वक्त बुजुर्ग अपने घर के पास सड़क किनारे कुर्सी पर बैठे थे। घटना के बाद इलाके में शोक और हलचल का माहौल बन गया।

 

गुमती में बैठे बुजुर्ग को हाइवा ने कुचला

 

जानकारी के अनुसार, शाम करीब पांच बजे बाढ़ू चौहान सड़क किनारे कपड़े स्त्री (प्रेस) करने वाली अपनी गुमटी में बैठे थे। इसी दौरान चकिया की ओर से आ रही हाइवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना गंभीर था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद क्रेन मंगाकर ट्रक को हटाकर मृतक की बॉडी को निकाला गया।

 

मौके पर पहुंचे एसडीएम और थाना प्रभारी

 

दुर्घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम और थाना प्रभारी घटनास्थल पर पहुंचे। जेसीबी/क्रेन की मदद से हाइवा के नीचे फंसे शव को बाहर निकाला गया। पुलिस ने हाइवा चालक और खलासी को गिरफ्तार कर लिया है।

 

 चार साल पहले किशोर की मौत के बाद लगी थी रोक

 

स्थानीय जानकारी के अनुसार, करीब चार साल पहले इसी मार्ग पर एक किशोर की दर्दनाक मौत के बाद बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई थी। उस घटना के बाद भारी वाहनों के संचालन को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आई थीं।

 

पुरानी घटना के बाद फिर शुरू हुई भारी वाहनों की आवाजाही?

 

स्थानीय स्तर पर अब इस मार्ग पर ओवरलोड हाइवा की आवाजाही दोबारा शुरू होने की बात कही जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि इस मार्ग पर पहले भारी वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया था, तो वर्तमान में उनकी आवाजाही किन परिस्थितियों में हो रही है।

 

 एक और हादसे के बाद सड़क सुरक्षा पर सवाल

 

70 वर्षीय बाढ़ू चौहान की मौत ने भारी वाहनों के संचालन, ओवरलोडिंग और यातायात व्यवस्था की निगरानी पर फिर ध्यान खींचा है। संबंधित विभागों द्वारा मार्ग पर लागू प्रतिबंधों और वाहनों की भार क्षमता की जांच किया जाना महत्वपूर्ण है।

 

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

 

फिलहाल पुलिस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है। दुर्घटना के कारणों और भारी वाहनों की आवाजाही से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

 

अब सवाल यह है कि क्या इस हादसे के बाद संबंधित विभाग मार्ग पर भारी वाहनों के संचालन की समीक्षा करेंगे और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे?