शासकीय भूमि की रजिस्ट्री पर सवाल, खरवत के खसरा 1200/5 की जांच की मांग

बैकुंठपुर। कोरिया जिले में शासकीय भूमि की कथित रजिस्ट्री को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ता ने उप पंजीयक कार्यालय पर नियमों की अनदेखी कर शासकीय भूमि के पंजीयन का आरोप लगाते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।शिकायत के अनुसार ग्राम खरवत के खसरा नंबर 1200/5 की जून-जुलाई 2026 में रजिस्ट्री एवं नामांतरण की प्रक्रिया की गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि वर्ष 1954-55 के मिसल रिकॉर्ड में उक्त भूमि सड़क मद में दर्ज है। इसके बावजूद भूमि का पंजीयन किए जाने से पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं।शिकायतकर्ता के मुताबिक, जब इस मामले को उप पंजीयक कार्यालय के समक्ष उठाया गया तो अधिकारी की ओर से कहा गया कि रजिस्ट्री प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर की गई है और इसमें राजस्व विभाग की गलती है। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि शासकीय भूमि की प्रकृति एवं राजस्व अभिलेखों का सत्यापन किए बिना रजिस्ट्री कैसे की गई शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इसी तरह अन्य शासकीय भूमि के पंजीयन की भी आशंका है। मामले में तत्काल रजिस्ट्री पर रोक लगाने, खसरा 1200/5 सहित पूर्व में पंजीकृत शासकीय भूमियों की जांच कराने तथा दोष पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।