शासकीय पेंशन लाभ में कथित अनियमितता का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग दिवंगत शिक्षक की वैवाहिक स्थिति और अभिलेखों पर उठे सवाल, शिकायतकर्ता ने FIR व वैधानिक कार्रवाई की मांग की

बैकुंठपुर।कोरिया जिले में एक दिवंगत शासकीय शिक्षक की वैवाहिक स्थिति और उनके निधन के बाद पारिवारिक पेंशन सहित अन्य शासकीय लाभों के कथित रूप से प्राप्त किए जाने को लेकर शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता प्रेमलता राजवाडे ने मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने तथा आरोप प्रमाणित होने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध FIR दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है शिकायत के अनुसार, प्रेमलता राजवाडे के पिता स्वर्गीय रामसुंदर राजवाडे बैकुंठपुर क्षेत्र के एक शासकीय विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। उनका निधन 23 मई 2013 को हुआ था। शिकायतकर्ता की माता सुमित्रा का निधन 24 जून 2002 को हो चुका था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि  उक्त महिला सुमन के बताए अनुसार उनके पिता ने लगभग वर्ष 2008 मे  सुमन नामक महिला से विवाह किया था।। उक्त महिला का पूर्व विवाह उमेश कुमार राजवाडे, निवासी भीट्टीकला उपरपारा, अंबिकापुर से होने की जानकारी भी शिकायत में दी गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस पूर्व विवाह के विधिवत तलाक को लेकर भी जांच आवश्यक है।

निर्वाचक नामावली के अभिलेखों के सत्यापन की मांग

शिकायत में वर्ष 2014 की विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 10, अंबिकापुर की निर्वाचक नामावली का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, भाग एवं अनुक्रमांक 140 में सुमन राजवाडे का नाम पति उमेश कुमार राजवाडे के रूप में दर्ज होने की जानकारी है। शिकायत में संबंधित प्रविष्टि के EPIC नंबर का भी उल्लेख करते हुए निर्वाचक नामावली की मूल अथवा प्रमाणित प्रति से सत्यापन कराने की मांग की गई है।

नाम और वैवाहिक पहचान को लेकर आरोप

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि पिता की मृत्यु के बाद संबंधित महिला ने कथित रूप से अपना नाम सुमन से सुमित्रा दर्शाते हुए स्वयं को दिवंगत शिक्षक की प्रथम पत्नी के रूप में शासकीय अभिलेखों में प्रस्तुत किया। इसी आधार पर पारिवारिक पेंशन एवं अन्य शासकीय आर्थिक लाभ प्राप्त किए जाने की आशंका जताई गई है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले में संबंधित विभागों के अभिलेखों, विवाह एवं तलाक से जुड़े दस्तावेजों तथा पेंशन स्वीकृति और भुगतान संबंधी रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है।

दोष सिद्ध होने पर कार्रवाई की मांग

शिकायतकर्ता प्रेमलता राजवाडे ने मांग की है कि संबंधित शासकीय अभिलेखों का सत्यापन कर वास्तविक वैवाहिक स्थिति स्पष्ट की जाए। यदि जांच में गलत जानकारी देकर पेंशन या अन्य शासकीय लाभ प्राप्त करने तथा शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप प्रमाणित होते हैं, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध FIR दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, यदि कोई अनुचित भुगतान हुआ हो तो नियमानुसार वसूली की कार्रवाई भी की जाए फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित विभागों की जांच और आधिकारिक पक्ष सामने आना शेष है। मामले में अंतिम निष्कर्ष संबंधित अभिलेखों के सत्यापन और सक्षम प्राधिकारी की जांच के बाद ही निकाला जा सकेगा।