मुरादाबाद में पटाखा गोदामों और दुकानों का फायर ऑडिट, अग्निशमन विभाग ने 6 लोगों को किया जागरूक

मुरादाबाद में पटाखा गोदामों और दुकानों का फायर ऑडिट, अग्निशमन विभाग ने 6 लोगों को किया जागरूक

मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देशन में चला अभियान, सुरक्षा मानकों के पालन के दिए निर्देश

मुरादाबाद। आगामी त्योहारों के मद्देनजर अग्निशमन विभाग ने पटाखों और विस्फोटकों के भंडारण, निर्माण एवं बिक्री से जुड़े स्थानों पर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अभियान चलाया। 21 अक्टूबर को डीएम अनुनय झा एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल के आदेश और मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देशन में स्कीम नंबर-11 के तहत फायर ऑडिट किया गया। इस दौरान संबंधित कर्मचारियों को आग से बचाव और आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के उपायों की जानकारी दी गई।

अपर पुलिस महानिदेशक, अग्निशमन तथा आपात सेवा, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में हैलेट रोड, कटघर, ठाकुरद्वारा, कांठ और बिलारी अग्निशमन केंद्रों के प्रभारियों को अभियान के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में मुरादाबाद जनपद में पटाखों और विस्फोटकों के भंडारण, निर्माण तथा थोक एवं फुटकर बिक्री से जुड़े लाइसेंसी गोदामों और दुकानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जा रही है।

रसूलपुर गुर्जर में किया गया अग्नि सुरक्षा निरीक्षण

अभियान के दौरान ग्राम रसूलपुर गुर्जर, मुरादाबाद स्थित मोहम्मद यूनुस के कार्यस्थल पर अग्नि सुरक्षा के संबंध में जांच और जागरूकता की कार्रवाई की गई। मोहम्मद यूनुस पट्टी वाला, कांठ के निवासी हैं। विभागीय विवरण के अनुसार, इस अभियान में 1 स्थान पर कार्रवाई की गई और 6 लोगों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

आग से बचाव और सुरक्षित निकासी की दी जानकारी

अग्निशमन विभाग की टीम ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में बचाव के आवश्यक उपायों, अग्निशमन उपकरणों के उचित उपयोग और आपातकालीन निकासी की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। साथ ही संबंधित संस्थान संचालकों को निर्धारित मानकों के अनुरूप अग्निशमन व्यवस्था स्थापित करने और सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. राजीव कुमार पाण्डेय ने विभागीय दिशा-निर्देशों के तहत अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरतने पर जोर दिया। त्योहारों के दौरान पटाखों की मांग और बिक्री बढ़ने की संभावना को देखते हुए इस तरह के निरीक्षण और जागरूकता अभियान लोगों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।