मध्य रेल में स्वच्छता अभियान तेज, पटरियों से कचरा हटाने और स्टेशनों को चमकाने पर जोर

मुंबई। मध्य रेल ने स्वच्छता पखवाड़ा-2026 और विशेष अभियान 6.0 के तहत रेलवे स्टेशनों, पटरियों और रेलवे परिसरों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया है। स्वच्छता पखवाड़ा 15 अक्टूबर तक और विशेष अभियान 6.0 आगामी 31 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा। इन अभियानों का उद्देश्य रेलवे परिसरों को स्वच्छ, सुरक्षित और यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाना है।

मध्य रेल के मुंबई मंडल में विशेष रूप से पटरियों के किनारे जमा पुराने कचरे, गंदगी और अनावश्यक सामग्री को हटाने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही स्टेशनों के प्लेटफॉर्म, सीढ़ियों, शौचालयों और यात्रियों के आवागमन वाले क्षेत्रों की सफाई की गई। स्टेशन की दीवारों, खंभों और सार्वजनिक स्थानों से अनधिकृत पोस्टर, बैनर, स्टिकर तथा गुटखा और थूक के दाग भी हटाए गए।

अभियान के शुरुआती दिनों में मध्य रेल के महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव ने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। इस दौरान प्रत्येक वर्ष 100 घंटे यानी प्रति सप्ताह 2 घंटे स्वच्छता कार्य करने और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया गया। इसके अलावा ?एक दिन, एक घंटा? अभियान के तहत ट्रेनों, स्टेशनों और रेलवे परिसरों में सफाई गतिविधियां आयोजित की गईं। ?एक पेड़ मां के नाम? अभियान के अंतर्गत पौधारोपण भी किया गया।

मुंबई मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, माटुंगा, ठाणे, मुलुंड, कल्याण, डोंबिवली, उल्हासनगर, विद्याविहार और अन्य चिह्नित स्थानों पर व्यापक सफाई अभियान चलाए गए। कचरा-संवेदनशील स्थलों की सफाई के साथ कचरे के उचित संग्रहण, पृथक्करण और निस्तारण पर भी ध्यान दिया गया।

सानपाड़ा कार शेड और वर्कशॉप में भी विशेष सफाई अभियान चलाया गया। 6 से 8 अक्टूबर तक चले अभियान में लगभग 30 से 40 कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान जेसीबी मशीन की सहायता से जमा कीचड़, मलबा, झाड़ियां, घास और अनावश्यक सामग्री हटाई गई।

मुंबई मंडल के साथ भुसावल, सोलापुर, पुणे और नागपुर मंडलों में भी स्वच्छता संबंधी गतिविधियां संचालित की गईं। इन अभियानों में रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों, हाउसकीपिंग कर्मियों और संविदा कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्नील नीला के अनुसार, इन गतिविधियों से रेलवे परिसरों में स्वच्छता और रखरखाव बेहतर बनाने, लंबे समय से जमा कचरे को हटाने तथा यात्रियों और कर्मचारियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण तैयार करने में मदद मिली है।