मध्य रेल ने स्वच्छता पखवाड़े का किया समापन, रेलवे पटरियों से हटाया कचरा; ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर यात्रियों को किया जागरूक

मध्य रेल ने स्वच्छता पखवाड़े का किया समापन, रेलवे पटरियों से हटाया कचरा; ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर यात्रियों को किया जागरूक

मुंबई मंडल में 15 दिन चला व्यापक अभियान, स्टेशनों की सफाई से लेकर पुराने कबाड़ के पुनः उपयोग तक की गई पहल**

मुंबई।मध्य रेल ने स्वच्छता पखवाड़ा-2026 के तहत 1 से 15 अक्टूबर तक व्यापक सफाई अभियान चलाकर स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। इस दौरान रेलवे स्टेशनों, पटरियों, प्लेटफॉर्म, सीढ़ियों और रेलवे परिसरों में विशेष सफाई गतिविधियां संचालित की गईं। साथ ही अनधिकृत पोस्टर-बैनर हटाने, गुटखा और थूक के दाग साफ करने तथा कचरे का उचित निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

मध्य रेल के महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव ने अभियान के प्रारंभ में अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। कर्मचारियों ने प्रत्येक वर्ष 100 घंटे यानी प्रति सप्ताह 2 घंटे स्वच्छता कार्यों के लिए समर्पित करने और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया। ?एक दिन, एक घंटा? अभियान के तहत ट्रेनों, स्टेशनों और रेलवे परिसरों में सफाई की गई। वहीं, ?एक पेड़ मां के नाम? अभियान के अंतर्गत पौधारोपण गतिविधियां भी आयोजित की गईं।

रेलवे पटरियों और स्टेशनों पर चला विशेष सफाई अभियान

मुंबई मंडल के अंतर्गत छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, ठाणे, मुलुंड, माटुंगा, कल्याण, डोंबिवली, उल्हासनगर, विद्याविहार और अन्य चिन्हित स्थानों पर गहन सफाई अभियान चलाया गया। रेलवे पटरियों के किनारे लंबे समय से जमा कचरे, पुराने अपशिष्ट और अनावश्यक सामग्रियों को हटाया गया। कचरा संवेदनशील स्थलों की सफाई के साथ कचरे के संग्रहण, पृथक्करण और उचित निस्तारण पर भी ध्यान दिया गया।

तारघर और मुलुंड स्टेशनों पर फर्श, सीढ़ियों तथा यात्रियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों की सफाई की गई। स्टेशन की दीवारों, खंभों और सार्वजनिक स्थानों से अनधिकृत पोस्टर, बैनर, स्टिकर और विज्ञापन हटाए गए। रेलवे परिसरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए गुटखा तथा थूक के दागों की भी सफाई की गई।

सानपाड़ा में जेसीबी से हटाया मलबा और झाड़ियां

सानपाड़ा कार शेड और वर्कशॉप में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इसमें करीब 30 से 40 कर्मचारियों ने भाग लिया। जेसीबी मशीन की मदद से जमा कीचड़, मलबा, झाड़ियों, घास और अनुपयोगी सामग्री को हटाया गया। इससे कार्यस्थल और रेलवे पटरियों के आसपास सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिली।

चार श्रेणियों में कचरा अलग करने पर जोर

स्वच्छता पखवाड़े के दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के संबंध में जागरूकता अभियान भी चलाया गया। रेलवे की विभिन्न इकाइयों को गीले, सूखे, सैनिटरी और विशेष देखभाल वाले अपशिष्ट को अलग-अलग रखने के निर्देश दिए गए। इसके लिए पृथक कूड़ेदान उपलब्ध कराने, कचरे के नियमित निस्तारण और सफाई गतिविधियों का रिकॉर्ड रखने पर जोर दिया गया।

सानपाड़ा स्थित ईएमयू पीओएच वर्कशॉप में कर्मचारियों को कचरे के पृथक्करण और अपशिष्ट प्रबंधन के बारे में जागरूक किया गया। ठाणे स्टेशन पर यात्रियों को कचरा अलग-अलग डालने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से जागरूकता रैली निकाली गई। महिला शौचालयों और प्रतीक्षालयों में सैनिटरी अपशिष्ट के लिए कूड़ेदान भी लगाए गए।

कबाड़ से बनाया 12 डिब्बों वाली ट्रेन का मॉडल

स्वच्छता अभियान के दौरान पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के पुनः उपयोग की अनूठी पहल भी देखने को मिली। सानपाड़ा स्थित ईएमयू कार शेड में कर्मचारियों ने अनुपयोगी ड्रमों और कबाड़ का पुनः उपयोग करते हुए 12 डिब्बों वाली ट्रेन का मॉडल तैयार किया। इस पहल के माध्यम से बेकार सामग्री का रचनात्मक इस्तेमाल करने का संदेश दिया गया।

मध्य रेल के भुसावल, सोलापुर, पुणे और नागपुर मंडलों में भी इसी तरह की स्वच्छता गतिविधियां संचालित की गईं। रेलवे के अनुसार, इन अभियानों से चिन्हित स्थानों पर जमा कचरा हटाने, स्टेशन परिसरों की सफाई और कार्यस्थलों पर स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण बनाने में मदद मिली।

मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्नील नीला ने बताया कि रेलवे कर्मचारियों, हाउसकीपिंग कर्मियों और संविदा कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी से स्वच्छता पखवाड़े की गतिविधियों को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसके साथ ही विशेष अभियान 6.0 के तहत 31 अक्टूबर 2026 तक विभिन्न गतिविधियां जारी रहेंगी।