ग्राहक हितैषी पहलों से एनएफआर ने माल परिवहन को दी नई रफ्तार, करोड़ों का अतिरिक्त राजस्व

गुवाहाटी। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने माल परिवहन को अधिक सुगम, सुविधाजनक और प्रभावी बनाने के लिए कई ग्राहक हितैषी पहल शुरू की हैं। इन प्रयासों से जहां कारोबारियों और ग्राहकों के लिए रेल के माध्यम से माल भेजना आसान हो रहा है, वहीं रेलवे के माल राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।

एनएफआर की इन पहलों का उद्देश्य माल परिवहन की सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ नए कार्गो अवसर तैयार करना और रेल आधारित लॉजिस्टिक्स को मजबूत करना है।

खराहाट और न्यू मिसामारी में बढ़ीं सुविधाएं

तिनसुकिया मंडल के खराहाट स्टेशन पर 1 जुलाई 2026 से पीएससी स्लीपर की आवक खेप की हैंडलिंग शुरू की गई है। इसी तरह 29 जुलाई 2026 से रंगिया मंडल के न्यू मिसामारी स्टेशन को आवक सैन्य माल यातायात के लिए खोल दिया गया है। इन कदमों से विभिन्न प्रकार के माल की आवाजाही को अधिक सुगम बनाने में मदद मिल रही है।

मक्का और चावल की ढुलाई से भी बढ़ा राजस्व

अलीपुरद्वार मंडल में फालाकाटा से राणिबेन्नूर तक मक्के की एक रैक की लोडिंग से रेलवे को 74 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसी मंडल में तूफानगंज से जिरानिया तक चावल की एक रैक लोडिंग से 29 लाख रुपये की आय दर्ज की गई।

कटिहार मंडल के अंतर्गत पूर्णिया, रानीपतरा, अररिया, जलालगढ़, रहमतपुर, बथनाहा, सरायग्राम, डालखोला और कटिहार सहित विभिन्न स्थानों से मक्के की 43 रैक लोड की गईं। इससे रेलवे को करीब 29.72 करोड़ रुपये का माल राजस्व प्राप्त हुआ।

सीमेंट, स्टोन चिप्स और पेट्रोलियम की ढुलाई में भी बढ़ोतरी

लामडिंग मंडल में भी माल परिवहन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन सामने आया है। यहां स्टोन चिप्स के 315 वैगन बुक किए गए, जिनसे करीब 1.37 करोड़ रुपये का माल राजस्व प्राप्त हुआ।

इसके अलावा सीमेंट के 1,921 वैगन की बुकिंग से करीब 9.06 करोड़ रुपये तथा पेट्रोलियम, तेल और लुब्रिकेंट की 196 वैगन बुकिंग से करीब 2.38 करोड़ रुपये का माल राजस्व अर्जित किया गया।

रेल आधारित माल ढुलाई को मिल रहा बढ़ावा

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की इन ग्राहक हितैषी पहलों से विभिन्न क्षेत्रों के कारोबारियों को अपने माल की तेज और भरोसेमंद ढुलाई के लिए रेल परिवहन का बेहतर विकल्प मिल रहा है। रेलवे द्वारा अलग-अलग प्रकार के माल की लोडिंग को प्रोत्साहित करने से न केवल माल परिवहन की क्षमता बढ़ रही है, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार, लॉजिस्टिक्स और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल रही है।

एनएफआर की ओर से जारी प्रयास रेल आधारित लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने और ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। इन पहलों से रेलवे के माल राजस्व में वृद्धि के साथ-साथ सड़क परिवहन से रेल की ओर माल यातायात स्थानांतरित करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

कपिंजल किशोर शर्मा, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी,एनएफआर