खेत की पैमाइश के नाम पर ₹50 हजार! छह महीने से न्याय की आस में भटक रहा पीड़ित

खेत की पैमाइश के नाम पर ₹50 हजार! छह महीने से न्याय की आस में भटक रहा पीड़ित

पूर्व में बिलग्राम तहसील में तैनात रहे लेखपाल विनीत यादव पर गंभीर आरोप,पैसे के लेनदेन की बातचीत की रिकॉर्डिंग सामने आने का दावा_डीएम से जांच और कार्रवाई की गुहार

#हरदोई
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बिलग्राम तहसील में तैनात रहे लेखपाल विनीत यादव पर ग्राम कोईलरा निवासी अवनीश यादव ने खेत की पैमाइश के नाम पर ₹50 हजार लेने के बावजूद पैमाइश नहीं करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि रकम लेने के बाद भी उसका काम नहीं हुआ और अब वह पिछले करीब छह महीने से कथित तौर पर लेखपाल के घर के चक्कर काटने को मजबूर है।

पीड़ित के मुताबिक, विनीत यादव का स्थानांतरण बिलग्राम तहसील से सवायजपुर तहसील हो गया, लेकिन रकम वापस कराने और मामले के समाधान के लिए लगातार संपर्क करने के बावजूद उसे कथित तौर पर टालमटोल का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित का यह भी दावा है कि कई बार फोन पर बातचीत हुई तथा सपा नेता हरिनाम सिंह यादव ने भी मामले को लेकर लेखपाल से फोन पर बात की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।

मामले को और गंभीर बनाने वाला दावा यह है कि पैसे के लेनदेन को लेकर लेखपाल विनीत यादव की फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग पीड़ित पक्ष द्वारा साझा किए जाने की बात कही गई है। यदि रिकॉर्डिंग की सत्यता जांच में पुष्ट होती है तो यह मामला सीधे तौर पर राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार संबंधी गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।

पुराने आरोपों की भी हो निष्पक्ष जांच

वहीं, सूत्रों के हवाले से लेखपाल विनीत यादव के खिलाफ पूर्व में भी भ्रष्टाचार संबंधी कार्रवाई और एंटी करप्शन से जुड़े मामलों में पकड़े जाने के दावे किए जा रहे हैं। इन दावों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि अभी आवश्यक है। यदि पूर्व में उनके विरुद्ध कोई मुकदमा, गिरफ्तारी या विभागीय कार्रवाई हुई है तो प्रशासन को उसके अभिलेखों की भी जांच कर स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए।

सवाल यह है_₹50 हजार लेने के बाद छह महीने से क्यों भटक रहा पीड़ित?

मामला सिर्फ एक खेत की पैमाइश का नहीं, बल्कि उस भरोसे का है जो आम नागरिक राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर करता है। यदि किसी कर्मचारी ने वास्तव में सरकारी कार्य कराने के नाम पर रकम ली और काम नहीं किया, तो यह बेहद गंभीर मामला है। वहीं यदि आरोप गलत हैं तो निष्पक्ष जांच के जरिए सच्चाई भी सामने आनी चाहिए।

पीड़ित अवनीश यादव ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने पर कठोर कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई तथा उसकी रकम वापस दिलाने की मांग की है।

अब देखना यह है कि जिलाधिकारी की चौखट तक पहुंची इस शिकायत पर प्रशासन सिर्फ जांच की फाइल खोलता है या फिर राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार के आरोपों पर वास्तव में कार्रवाई की मिसाल कायम करता है।

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