कटरा के नारायण अस्पताल में दुर्लभ पसली के कैंसर की जटिल सर्जरी सफल, मरीज को चौथे दिन मिली छुट्टी

कटरा के नारायण अस्पताल में दुर्लभ पसली के कैंसर की जटिल सर्जरी सफल, मरीज को चौथे दिन मिली छुट्टी

सर्जिकल ऑन्कोलॉजी टीम ने 60 वर्षीय मरीज की नौवीं पसली से निकाला कैंसर का ट्यूमर, डायाफ्राम और छाती की दीवार की भी की मरम्मत

कटरा। श्री माता वैष्णो देवी नारायण सुपरस्पेशलिटी अस्पताल, कटरा में चिकित्सकों ने जटिल छाती की सर्जरी कर दुर्लभ पसली के कैंसर को सफलतापूर्वक निकालकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल की सर्जिकल ऑन्कोलॉजी टीम ने 60 वर्षीय मरीज की नौवीं पसली में विकसित कॉन्ड्रोसारकोमा नामक दुर्लभ कैंसर के ट्यूमर को सफलतापूर्वक हटाया। जटिल सर्जरी के बाद मरीज की हालत में तेजी से सुधार हुआ और ऑपरेशन के चौथे दिन उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

जानकारी के अनुसार, मरीज पिछले करीब दो महीने से सीने के निचले हिस्से में दर्द की समस्या से परेशान था। जांच के लिए सीटी स्कैन और बायोप्सी कराई गई, जिसमें नौवीं पसली से उत्पन्न होने वाले कैंसर के ट्यूमर की पुष्टि हुई। इसके बाद अस्पताल की विशेषज्ञ टीम ने सर्जरी का निर्णय लिया।

सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के सलाहकार डॉ. अभिनव चौधरी ने सर्जिकल, एनेस्थीसिया और ऑपरेशन के बाद देखभाल करने वाली टीमों के सहयोग से यह जटिल ऑपरेशन किया। सर्जरी के दौरान कैंसर से प्रभावित नौवीं पसली के हिस्से के साथ उससे जुड़ी आठवीं पसली का भी कुछ हिस्सा निकालना पड़ा। ट्यूमर छाती की निचली दीवार में होने के कारण डायाफ्राम को भी अलग करना पड़ा। कैंसर को पूरी तरह निकालने के बाद डायाफ्राम की दोबारा मरम्मत की गई और छाती की दीवार में बने हिस्से को सर्जिकल मेश की मदद से मजबूत किया गया।

ऑपरेशन के बाद की गई अंतिम जांच में 6*5*3 सेंटीमीटर आकार के ग्रेड-1 कॉन्ड्रोसारकोमा की पुष्टि हुई। राहत की बात यह रही कि निकाले गए ऊतक के किनारे कैंसर मुक्त पाए गए और रक्त एवं लसीका वाहिकाओं में कैंसर के फैलाव के संकेत नहीं मिले।

सर्जरी के बाद मरीज की सेहत में तेजी से सुधार हुआ। उसने अगले ही दिन से मुंह से भोजन लेना शुरू कर दिया और ऑपरेशन के दूसरे दिन से चलने-फिरने लगा। बेहतर स्वास्थ्य को देखते हुए चौथे दिन उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

डॉ. अभिनव चौधरी ने बताया कि ट्यूमर की स्थिति के कारण यह ऑपरेशन तकनीकी रूप से काफी चुनौतीपूर्ण था। इसमें छाती की दीवार के साथ डायाफ्राम की संरचना को भी सुरक्षित तरीके से दोबारा व्यवस्थित करना जरूरी था। टीम का मुख्य उद्देश्य कैंसर को पूरी तरह निकालने के साथ शरीर की सामान्य संरचना को बहाल करना था।

वहीं, अस्पताल के कार्यकारी निदेशक डॉ. यशपाल शर्मा ने कहा कि दुर्लभ और जटिल कैंसर का सफल उपचार अस्पताल की विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीम और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का प्रमाण है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के निरंतर सहयोग से अस्पताल में उन्नत कैंसर उपचार सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूर-दराज के बड़े शहरों में न जाना पड़े।

गौरतलब है कि श्री माता वैष्णो देवी नारायण सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में पीईटी-सीटी, परमाणु चिकित्सा, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, कीमोथेरेपी और गंभीर मरीजों की देखभाल सहित कैंसर के निदान एवं उपचार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।