अलग बुंदेलखंड राज्य निर्माण को लेकर बुन्देलखण्ड राष्ट्र समिति की वर्चुअल मीटिंग हुई संपन्न चित्रकूट धाम ,

अलग बुंदेलखंड राज्य निर्माण को लेकर बुन्देलखण्ड राष्ट्र समिति की वर्चुअल  मीटिंग  हुई संपन्न 

चित्रकूट धाम , बुन्देलखण्ड 

 बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के आयोजन में  वर्चुअल मीटिंग हुई जिसमें मुख्य   रूप में बुन्देलखण्ड राष्ट्र समिति के राष्ट्रीय संयोजक तारा पाटकर महोबा से , बुन्देलखण्ड के संत मार्गदर्शक स्वामी हिन्दू सत्यनाथ निवाड़ी से ,  बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रवीण पांडेय,   संगठन महामंत्री यज्ञेश गुप्ता  , हमीरपुर से शिवेंद्र सिंह मानू , से  डालचंद  , जालौन से  प्रशांत अवस्थी  , बांदा से  संदीप द्विवेदी , छतरपुर से प्रशांत शर्मा , फतेहपुर से नीरज बाजपेई , देव व्रत त्रिपाठी  सहित तमाम बुंदेलखंड राज्य समर्थक सम्मिलित हुए। 

मीटिंग में  तय हुआ कि बुन्देलखण्ड के सभी समस्याओं का एक ही इलाज है अलग राज्य बुन्देलखण्ड l 
 बुन्देलखण्ड के लोगों की हालत देखिए ,
कहने को तो बुन्देलखण्ड प्राकृतिक संसाधनों और खनिजों का वरदान है, लेकिन इन संसाधनों का उपभोग बुन्देलखण्ड के बाहर के लोग कर रहे हैं। 
 बुन्देलखण्ड आज भी गरीबी और बदहाली की मार झेल रहा है। 
समिति के केन्द्रीय अध्यक्ष प्रवीण पाण्डेय ने बताया कि 
आजादी के बाद १२ मार्च १९४८ को ३५  रियासतों को मिलाकर भारत सरकार द्वारा बुंदेलखण्ड राज्य बनाया गया था। 
लेकिन इसके ८ साल  बाद ३१ अक्टूबर १९५६ को,  बुंदेलखण्ड  राज्य का दर्जा खत्म कर दिया था। 
जिससे बाद आजतक बुंदेलखण्ड उपेक्षाओं का शिकार रहा है।

रिपोर्ट

रहमत अली

चित्रकूट