नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की आधारशिला: युवा उत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया राष्ट्र निर्माण का संदेश

वाराणसी। नशामुक्त, स्वस्थ और जागरूक युवा ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला हैं। युवाओं की ऊर्जा का उपयोग राष्ट्र निर्माण और सामाजिक बदलाव में होना चाहिए। इसी संदेश के साथ युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल विभाग, वाराणसी के तत्वावधान में गुरुवार को संत अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल, कोईराजपुर, हरहुआ में जनपद स्तरीय युवा उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग-2027 के अंतर्गत आयोजित उत्सव की मुख्य थीम ?नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत? रही। कार्यक्रम में युवाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से नशामुक्ति, भारतीय संस्कृति के संरक्षण और राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत वाराणसी की प्रशासक श्रीमती पूनम मौर्या रहीं। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जिला युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी नितीश कुमार राय ने मुख्य अतिथि का पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में संत अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल की प्रधानाचार्य डॉ. नीलम सिंह उपस्थित रहीं। अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया।

पांच विधाओं में युवाओं ने दिखाई प्रतिभा

युवा उत्सव में लोकगीत समूह, लोकनृत्य समूह, नुक्कड़ नाटक, कविता लेखन और चित्रकारी सहित पांच विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए युवा प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। उनकी प्रस्तुतियों में भारतीय लोक संस्कृति, सामाजिक जागरूकता, नशे के दुष्प्रभाव और विकसित भारत के संकल्प की प्रभावशाली झलक देखने को मिली।

प्रतियोगिताओं में लोकनृत्य विधा में अंशिका सिंह एंड टीम, संत अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल, कोईराजपुर ने प्रथम तथा परी खरवार एंड टीम, पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, मलदहिया ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। लोकगीत में स्वाति एंड टीम, संत अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल ने प्रथम और शुभांगिनी एंड टीम, पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज ने द्वितीय स्थान हासिल किया।

नुक्कड़ नाटक में दीपिका यादव एंड टीम, संत अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। चित्रकारी में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के सागर कल्याण प्रथम तथा संत अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल की दिव्या द्वितीय स्थान पर रहीं। कविता लेखन में अपराजिता सिंह प्रथम और दिव्यांशी राय द्वितीय स्थान पर रहीं। दोनों संत अतुलानंद कॉन्वेंट स्कूल की प्रतिभागी हैं।

निर्णायक मंडल ने किया प्रस्तुतियों का मूल्यांकन

प्रतियोगिताओं के निष्पक्ष एवं पारदर्शी मूल्यांकन के लिए विभिन्न विधाओं के विशेषज्ञों को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया। लोकगीत में डॉ. रजनी द्विवेदी एवं श्रीमती सुनीता पाण्डेय, लोकनृत्य में अमित गुप्ता, नुक्कड़ नाटक में अमन सिद्धार्थ तथा कविता लेखन में जितेन्द्र पाण्डेय ने निर्णायक की भूमिका निभाई। निर्णायक मंडल ने निर्धारित मानकों के आधार पर प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया।

युवाओं से नशे से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में योगदान की अपील

मुख्य अतिथि श्रीमती पूनम मौर्या ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और विकसित भारत के निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने तथा अपनी ऊर्जा को सकारात्मक और रचनात्मक कार्यों में लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वयं नशामुक्त रहने के साथ समाज में भी नशामुक्ति का संदेश प्रसारित करना चाहिए।

कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया। आयोजकों ने कहा कि स्वस्थ, शिक्षित, अनुशासित और नशामुक्त युवा ही सशक्त समाज एवं विकसित राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में विवेक सिंह, वीरेंद्र कुमार, रीना यादव, रागिनी सिंह, क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी वाराणसी, बिरेंद्र प्रताप सिंह, लेखाकार, हरिशंकर, आनंद, अविनाश, जितेन्द्र कुमार यादव, उमराव पाल, ओम प्रकाश सिंह सहित पीआरडी जवानों, कर्मचारियों, विद्यालय प्रबंधन, निर्णायक मंडल और प्रतिभागियों का सराहनीय योगदान रहा। अंत में आयोजक विभाग ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।