एक किस्त टूटते ही सड़कों पर फाइनेंस वाहन पकड़ने, कथित अवैध वसूली और गंभीर मुकदमों में फंसाने की धमकी के आरोप! ‘थाने से सांठगांठ’ का हवाला देकर भी जताते हैं धौंस!

हरदोई में रिकवरी एजेंटों का कथित आतंक! बेहटा गोकुल के....बाद टड़ियावां और बेनीगंज भी चर्चा में

एक किस्त टूटते ही सड़कों पर फाइनेंस वाहन पकड़ने, कथित अवैध वसूली और गंभीर मुकदमों में फंसाने की धमकी के आरोप! ?थाने से सांठगांठ? का हवाला देकर भी जताते हैं धौंस!

#हरदोई
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जनपद में फाइनेंस वाहनों की रिकवरी के नाम पर कथित दबंगई और वसूली का मामला गंभीर होता जा रहा है। बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र में कथित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का मामला सामने आने के बाद अब टड़ियावां और बेनीगंज थाना क्षेत्रों में भी कुछ कथित रिकवरी एजेंटों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।

आरोप है कि एक किस्त टूटते ही कथित रिकवरी एजेंट सड़कों पर फाइनेंस वाहनों को रोककर पकड़ लेते हैं और रिकवरी के नाम पर धनराशि वसूलते हैं। शिकायतों के मुताबिक, वसूली गई रकम लोन खाते में जमा न होने पर जब वाहन मालिक हिसाब मांगते हैं तो उन्हें SC/ST एक्ट जैसे गंभीर मुकदमों में फंसाने की धमकी दिए जाने के आरोप हैं।

सबसे गंभीर आरोप यह भी है कि पूछताछ करने पर कुछ कथित रिकवरी एजेंट क्षेत्रीय थाने से अपनी सांठगांठ होने का हवाला देते हुए धौंस जमाते हैं। यदि यह दावा सही है तो इसकी निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। आखिर किस आधार पर कोई व्यक्ति पुलिस से सांठगांठ का दावा कर आम नागरिकों पर दबाव बना सकता है?

रिकवरी एजेंटों के अधिकार या मनमानी?

RBI के दिशा-निर्देशों के अनुसार रिकवरी एजेंट धमकी, अभद्रता, शारीरिक दबाव या सार्वजनिक अपमान का सहारा नहीं ले सकते। वाहन जब्ती भी लोन एग्रीमेंट और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही हो सकती है। वसूली की रकम का उचित हिसाब और भुगतान का रिकॉर्ड होना जरूरी है।

प्रशासन से सीधे सवाल!

- टड़ियावां और बेनीगंज में कथित रिकवरी एजेंटों की वैधता की जांच कब होगी?
- वसूली गई रकम लोन खाते में जमा नहीं होने की शिकायतों की जांच कौन करेगा?
- क्षेत्रीय थाने से सांठगांठ का दावा करने वालों की हकीकत क्या है?
- फाइनेंस कंपनियां अपने रिकवरी एजेंटों के नियुक्ति पत्र और पहचान की जांच क्यों नहीं करातीं?
- कानून के नाम पर कथित धमकी और वसूली करने वालों पर कार्रवाई कब होगी?

अब हरदोई पुलिस कप्तान और जिला प्रशासन से मांग है कि बेहटा गोकुल, टड़ियावां और बेनीगंज थाना क्षेत्रों में कथित रिकवरी नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

जल्द साक्ष्यों, दस्तावेजों और कथित रिकवरी नेटवर्क से जुड़े अहम तथ्यों के साथ बड़ा खुलासा!

✍️ डी.डी. शुक्ला_स्वतंत्र पत्रकार

नोट: सभी आरोप जांच के अधीन हैं। किसी व्यक्ति या पुलिसकर्मी की संलिप्तता अभी प्रमाणित नहीं है।

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