योगी के भरोसेमंद पूर्व DM दिनेश सिंह का BJP से टिकट का दावा, बोले– 'बाहरी लोग गए, अब यहीं रहकर करूँगा सेवा!'

रिपोर्ट- कृष्णानन्द शर्मा 

लखनऊ,जौनपुर।उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस समय जौनपुर की सीट सबसे चर्चित केंद्र बन चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बेहद करीबी और प्रशासनिक हलकों में अपनी कड़क और निष्पक्ष कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले पूर्व जिलाधिकारी (DM) दिनेश कुमार सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) से टिकट की दावेदारी ठोक दी है।

दिनेश सिंह के इस कदम के बाद न केवल जौनपुर बल्कि लखनऊ के सियासी गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है।

"बाहरी लोग जीतकर चले गए, मैं यहीं रहकर करूंगा सेवा"

टिकट की मांग करते हुए पूर्व डीएम दिनेश सिंह ने बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर जौनपुर की जनता के दर्द को छूते हुए कहा:

अतीत में बाहरी लोग यहाँ आते हैं, चुनाव जीतते हैं और फिर जनता को अकेला छोड़कर चले जाते हैं। लेकिन मैं जौनपुर का ही हिस्सा हूँ। मैंने बतौर प्रशासनिक अधिकारी यहाँ दिल से काम किया है और आगे भी यहीं रहकर जनता के सुख-दुख में उनकी सेवा करूँगा।"

उनका यह बयान स्थानीय बनाम बाहरी के मुद्दे को हवा देने के साथ-साथ आम जनता के दिलों को छूने वाला माना जा रहा है।

क्यों माना जा रहा है पहला टिकट पक्का?

राजनैतिक विश्लेषकों और स्थानीय समीकरणों की मानें तो दिनेश सिंह की दावेदारी बेहद मजबूत है:

 * योगी आदित्यनाथ का अटूट भरोसा: जिलाधिकारी के रूप में दिनेश सिंह ने हमेशा जनहित के कामों को प्राथमिकता दी और शासन की योजनाओं को धरातल पर उतारा, जिससे वे मुख्यमंत्री के सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में गिने जाने लगे।

 * जनता के बीच गहरी पैठ: अपनी तैनाती के दौरान उन्होंने जिस तरह से आम लोगों की समस्याओं का समाधान किया, उसने उनकी छवि एक 'जनसेवक' के रूप में बनाई।

 * अनन्य समर्पण: सेवा में रहते हुए जनता की भलाई के लिए उठाए कदम और सेवानिवृत्ति के बाद भी जौनपुर की मिट्टी से जुड़ाव?इस बात का पुख्ता सबूत है कि उनका समर्पण पद का मोहताज नहीं है।

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि बीजेपी जब अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करेगी, तो उसमें सबसे पहला नाम दिनेश सिंह का ही देखने को मिल सकता है।

समर्पण का मिलेगा 'ईनाम'!

जनता और कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा आम है कि दिनेश सिंह ने जिस निष्ठा और ईमानदारी से जौनपुर के विकास और सेवा का संकल्प लिया है, उसका ईनाम पार्टी शीर्ष नेतृत्व उन्हें जरूर देगा।

अब देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा की पहली सूची में जब मुहर लगेगी, तो जौनपुर की राजनीति में विकास का यह नया अध्याय किस प्रकार लिखा जाता है!