उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने की प्रयागराज मंडल के कार्यों की समीक्षा, संरक्षा और यात्री सुविधाओं पर दिया जोर

उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने की प्रयागराज मंडल के कार्यों की समीक्षा, संरक्षा और यात्री सुविधाओं पर दिया जोर

अधिकारियों को व्यक्तिगत जिम्मेदारी और स्वामित्व भाव से काम करने के निर्देश, दुर्घटनामुक्त रेल परिचालन का रखा लक्ष्य

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने शुक्रवार 30 अक्टूबर 2026 को प्रयागराज मंडल में चल रहे विकास कार्यों, रेल परिचालन, संरक्षा और यात्री सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि रेल परिचालन को व्यक्तिगत जिम्मेदारी और स्वामित्व भाव के साथ संचालित किया जाए। संरक्षा, समयपालन, रेलगाड़ियों की गति और यात्री सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

समीक्षा बैठक में मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज मंडल रजनीश अग्रवाल, अपर मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार, एमएम वारिस, धनंजय कुमार सिंह सहित मंडल के अन्य शाखाधिकारी उपस्थित रहे।

महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने कहा कि रेलवे का संचालन इस भावना के साथ होना चाहिए, जैसे प्रत्येक अधिकारी का अपना प्रतिष्ठान हो। उन्होंने मंडल को दुर्घटनामुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए संरक्षा के सभी पहलुओं पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर जाने से पहले लोको पायलटों की संरक्षा संबंधी प्रश्नोत्तरी कराई जाए और बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाए।

उन्होंने ब्लॉक लेने के समय ही संबंधित लोको की उपलब्धता सुनिश्चित करने और ब्लॉक की अवधि के अनुसार कार्य शिफ्ट निर्धारित करने को कहा। इसके अलावा ट्रैक पेट्रोलिंग के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने, ओएचई फेलियर की घटनाओं को शून्य तक लाने और स्टेशन मास्टर कक्षों में जल्द से जल्द सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर

महाप्रबंधक ने निर्माण और अनुरक्षण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया कि केवल औपचारिक मरम्मत के बजाय स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए संबंधित ठेकेदारों के साथ सीधे संपर्क और समन्वय स्थापित कर कार्यों की नियमित निगरानी करने को कहा।

उन्होंने कानपुर क्षेत्र में रेल परिचालन और अन्य व्यवस्थाओं में आगामी 2 माह के भीतर व्यापक सुधार लाने के निर्देश दिए। साथ ही आगामी मानसून से पहले सभी स्टेशनों और प्लेटफॉर्मों की जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने तथा जलभराव की समस्याओं का स्थायी समाधान करने पर जोर दिया।

सौर ऊर्जा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग को बढ़ावा

महाप्रबंधक ने रेलवे परिसरों में सौर ऊर्जा के अधिकाधिक उपयोग पर बल दिया। कोचों पर सोलर पैनल लगाने के दौरान वेल्डिंग के स्थान पर उपयुक्त चिपकाने की तकनीक अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों का उपयोग बढ़ाकर कार्यों की दक्षता और निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी अधिकारियों को प्रेरित किया।

इसके अलावा कर्मचारियों की योग्यता और आवश्यकता के अनुसार उन्हें पर्यवेक्षकीय जिम्मेदारियां देने तथा उपलब्ध मानव संसाधन का बेहतर उपयोग करने के निर्देश दिए।

बैठक के अंत में महाप्रबंधक ने सभी अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों की नियमित समीक्षा करने और संरक्षा, समयपालन, यात्री सुविधाओं, आधारभूत संरचना तथा राजस्व वृद्धि के क्षेत्र में ठोस एवं परिणामोन्मुखी सुधार सुनिश्चित करने को कहा।