उधरन श्रीरामलीला उधरनकुटी पर लगातार पांचवें दिन प्रभु श्रीरामजी की आरती से प्रारंभ हुई। 

उधरन श्रीरामलीला उधरनकुटी पर लगातार पांचवें दिन प्रभु श्रीरामजी की आरती से प्रारंभ हुई। 

रामलीला के मुख्य अतिथि राजेश पासवान एवं गुमान सिंह रहे विशिष्ट अतिथि के रूप में परमानंद मिश्रा जी संरक्षक रहे। 

 रामलीला में प्रभु श्रीराम और माता जानकी का विवाह उत्सव हुआ। इसके साथ ही वास्तविक विवाह के रूप एक पचमा की कन्या का विवाह हुआ। रामलीला समिति के पदाधिकारी एवं सदस्यों तथा क्षेत्रीय सहयोग से कन्या के रूप में अनिल राजभर की पुत्री पचमा निवासी और वर पक्ष के रूप में घोसी से बारात आई थी। पूरे लाव लश्कर साथ जबर्दस्त जनमानस एवं हजारों हजारों लोगों के बीच प्रभु श्रीराम को साक्षी मानकर वैवाहिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में हजारों-हजारों लोग साक्षी बनें। पूरे लाल लश्कर के साथ बारातियों की अगवानी एवं स्वागत हुआ। ढोल गाजे बाजे के साथ जयमाल हाइड्रोलिक सिस्टम के तहत कराया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रमोद शर्मा जी ने किया। इसके साथ ही वैवाहिक अवसर पर गाए जाने वाले पारंपरिक गीत "आपन खोरिया बहोर ए जनक बाबा आवताने दूलरु दामाद। गाने पर दशकों नें खूब तालियां बजाई और आनंद लिया। कौशलाधीश मिश्रा आचार्य के रूप में मंत्रोचार किया। यह रामलीला 130 वर्षों से चली आ रही है। इसका शुभारंभ पंडित स्वर्गीय रामधारी मिश्रा जी ने किया था और पं राजशेखर मिश्र,परमानंद मिश्र एवं टी एन मिश्रा की देखरेख में चल रही है। 

उक्त अवसर पर राहुल सिंह,विद्याभूषण मिश्र,पुष्कल सिंह पप्पू ,नारायण चौहान,श्रीसुरेशदासजी महाराज,अंबेश सिंह चुनमुन, भृगुनाथ राजभर,हेमंत मिश्र,संतोष यादव,बृजेश राजभर,रमेश यादव,राजेश सिंह राजू ,आनंद यादव, प्रेमचंद मौर्या,रघुवीर यादव,धनंजय मिश्रा,ओमप्रकाश राजभर, संदीप कुमार श्रीवास्तव,पंकज मिश्रा,प्रिंस राजभर,अनूप आनंद शर्मा,सोनू यादव, रविशंकर शास्त्री,मंटू सिंह,कमलेश चौहान,नीरज चौहान,अश्वनी अनुज पांडेय, राकेश यादव,कैलाश राजभर,पटल गुप्ता,शशिभूषण शर्मा,वरुण राजभर,सुरज शर्मां,गुड्डू गिरि,गोरख सिंह,अमेरिका पाल,रामविलास मौर्या,राजू टेण्ट अहमद,जितेन्द्र गुप्ता,सरफराज अहमद,मुन्ना सिंह,प्रवीण मौर्य जयमाल सेट मालिक,दरोगा राज़भर,रामजन्म चौहान,अनिरुद्ध राज़भर आदि नें सक्रिय भागीदारी निभाई। 

इस कार्यक्रम का संचालन प्रमोद शर्मा ने किया।

 मीडिया प्रभारी के रूप में रघुवीर यादव ने सक्रिय भूमिका निभाई। 

आरती व्यावस्थापक शशिभूषण शर्मा रहे। 

प्रातः 7:00 बजे पूरे साजो सामान के साथ पचमा की कन्या का विदाई नम आंसुओं से किया गया।

पत्रकार मोहम्मद सूफियान।