हरदोई के बहोरवा में श्रीमद्भागवत कथा का विश्राम आज, कल हवन-पूजन के बाद होगा विशाल भंडारा, आयोजकों ने श्रद्धालुओं से की सहभागिता की अपील

हरदोई। विकासखंड टड़ियावां के ग्राम बहोरवा स्थित श्री बाबा शुकदेव आश्रम (बुआ जी वाला बाग) में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन कथा व्यास राधे गोविंदाचार्य जी महाराज ने भगवान श्रीराम और विभीषण के संवाद तथा कन्यादान की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने श्रद्धालुओं को धर्म, सत्य, साहस और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
कथा के दौरान भगवान श्रीराम और विभीषण के संवाद का प्रसंग सुनाते हुए कथा व्यास ने बताया कि जब विभीषण ने प्रभु श्रीराम से उनके कवच के बारे में पूछा, तो भगवान ने ऐसे कवच का वर्णन किया, जिसे कोई शत्रु भेद नहीं सकता। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने समझाया कि सत्य, धर्म, साहस, सदाचार और ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास ही मनुष्य के वास्तविक कवच हैं। भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, धैर्य और धर्म के मार्ग पर चलने की सीख देता है।
कथा व्यास ने कन्यादान की महिमा बताते हुए कहा कि यह केवल विवाह की रस्म नहीं, बल्कि माता-पिता के प्रेम, आशीर्वाद और जिम्मेदारी से जुड़ा पवित्र संकल्प है। यह परंपरा पारिवारिक संस्कारों और रिश्तों की गरिमा को दर्शाती है।
आयोजकों के अनुसार, मंगलवार, 27 अक्टूबर को कथा का विश्राम होगा। इसके बाद बुधवार, 28 अक्टूबर को आश्रम में हवन-पूजन और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। हवन में श्रद्धालु आहुति अर्पित करेंगे, जबकि भंडारे में प्रसाद वितरित किया जाएगा।
आयोजक श्री बाबा शुकदेव जी महाराज की ओर से ग्रामवासियों और क्षेत्रवासियों को कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धार्मिक आयोजन में सहभागिता करने और प्रसाद ग्रहण करने की अपील की है।