उत्तर मध्य रेलवे में आधुनिक हाइड्रोलिक टैम्पिंग मशीन से ट्रैक अनुरक्षण होगा तेज और सुरक्षित

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे ने रेल पटरियों के अनुरक्षण को अधिक तेज, आसान और किफायती बनाने की दिशा में आधुनिक पोर्टेबल हाइड्रोलिक टैम्पिंग मशीन का प्रयोग शुरू करने की पहल की है। महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के नेतृत्व में किए जा रहे इस तकनीकी प्रयोग से रेलवे ट्रैक की पैकिंग बेहतर बनाने और रेल परिचालन की संरक्षा मजबूत करने में मदद मिलेगी।

यह मशीन विशेष रूप से रेलवे यार्ड, साइडिंग और उन स्थानों पर उपयोगी होगी, जहां पटरियों की पैकिंग ढीली होने पर तत्काल अनुरक्षण की आवश्यकता होती है। इसमें 4 टैम्पिंग टूल्स लगे हैं, जिनकी सहायता से एक स्लीपर के दोनों सिरों की क्रमवार पैकिंग की जा सकती है। इसकी कंपन क्षमता भारी ट्रैक अनुरक्षण मशीनों के समान प्रभावी रखी गई है, जिससे बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है।

मशीन की खासियत यह है कि इसे आवश्यकता के अनुसार आसानी से ट्रैक से हटाकर दूसरी जगह रखा जा सकता है। यह कठिन पॉइंट और क्रॉसिंग के अनुरक्षण में भी उपयोगी है। इसके संचालन के लिए अधिकतम 4 कर्मचारियों की आवश्यकता होती है, जिससे समय और श्रम की बचत होगी। साथ ही, पारंपरिक मैनुअल पैकिंग की तुलना में ट्रैक अनुरक्षण अधिक सुगम और किफायती बनाया जा सकेगा।

रेलवे इस मशीन को स्वदेशी तकनीक से विकसित करने की दिशा में भी कदम उठा रहा है। महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने मशीन में व्यावहारिक सुधार कर इसका स्वदेशी संस्करण विकसित करने के निर्देश दिए हैं। इस पहल से भविष्य में ?मेक इन इंडिया? को बढ़ावा मिलने के साथ ही रेलवे ट्रैक की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और रेल परिचालन की संरक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद है।