माता वैष्णो देवी के दरबार में उमड़ा आस्था का महासागर, 6 दिन में 2.60 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

माता वैष्णो देवी के दरबार में उमड़ा आस्था का महासागर, 6 दिन में 2.60 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

शारदीय नवरात्र में मां के जयकारों से गूंज रहा कटड़ा, भैरव घाटी में भी भक्तों की बढ़ी रौनक; हेलीकॉप्टर, बैटरी कार और रोपवे सेवाओं से यात्रा को मिल रही सुविधा

कटड़ा। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर मां वैष्णो देवी के दरबार में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। देशभर से श्रद्धालु परिवार और मित्रों के साथ कटड़ा पहुंचकर मां के जयकारे लगाते हुए भवन की ओर प्रस्थान कर रहे हैं। नवरात्र के पहले 6 दिनों में करीब 2.60 लाख श्रद्धालु मां के चरणों में हाजिरी लगा चुके हैं। मां के प्रति भक्तों की अटूट आस्था और उत्साह से पूरा यात्रा मार्ग भक्तिमय बना हुआ है।

शुक्रवार को मौसम साफ रहने और दिनभर धूप खिलने से श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान राहत मिली। अनुकूल मौसम के बीच भक्तों की आवाजाही लगातार जारी रही। श्रद्धालु मां के दर्शन के साथ परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना कर रहे हैं।

6 दिनों में लाखों भक्तों ने किए मां के दर्शन

शारदीय नवरात्र के दौरान मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लगातार आमद हो रही है। 11 अक्टूबर को पहले नवरात्र पर 47,500 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। 12 अक्टूबर को 48,300, 13 अक्टूबर को 46,500, 14 अक्टूबर को 42,000 और 15 अक्टूबर को 40,000 श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई।

शुक्रवार, 16 अक्टूबर को छठे नवरात्र पर रात 10 बजे तक 41,800 श्रद्धालु पंजीकरण कराकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे। इसके साथ ही पहले 6 दिनों में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या करीब 2.60 लाख तक पहुंच गई। यह आंकड़ा मां के प्रति भक्तों की गहरी आस्था और नवरात्र के दौरान यात्रा के प्रति उत्साह को दर्शाता है।

आधुनिक सुविधाओं से सुगम हो रही यात्रा

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यात्रा मार्ग पर विभिन्न सेवाएं उपलब्ध हैं। भक्त अपनी जरूरत के अनुसार हेलीकॉप्टर सेवा, बैटरी कार, रोपवे, घोड़ा, पिट्ठू और पालकी की सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। इन व्यवस्थाओं से विशेष रूप से बुजुर्गों और उन यात्रियों को सहूलियत मिलती है, जिन्हें पैदल यात्रा करने में कठिनाई होती है।

मां के दर्शन के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु भैरव घाटी पहुंचकर बाबा भैरवनाथ के दर्शन भी कर रहे हैं। यहां भी भक्तों की आवाजाही से धार्मिक उत्साह का माहौल बना हुआ है। भवन परिसर, गर्भजून गुफा और यात्रा मार्ग की आकर्षक सजावट श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनी हुई है।

सुरक्षा और सहायता के लिए व्यापक इंतजाम

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से यात्रा मार्ग के प्रमुख स्थानों पर सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं। सहायता मित्रों की टीमें श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी और मदद उपलब्ध करा रही हैं। आपदा प्रबंधन दल, पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और श्राइन बोर्ड के अधिकारी एवं कर्मचारी यात्रा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में जुटे हैं।

सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से यात्रा मार्ग और भवन परिसर की निगरानी की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ भीड़ प्रबंधन भी प्रभावी ढंग से किया जा सके।

बाणगंगा से भवन तक गूंज रहे माता के जयकारे

कटड़ा में पंजीकरण कराने के बाद श्रद्धालु पवित्र बाणगंगा से अपनी यात्रा शुरू करते हैं। इसके बाद चरण पादुका और अर्धकुंवारी में दर्शन करते हुए मां के भवन तक पहुंचते हैं। पूरे मार्ग में माता के जयकारों और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।

शारदीय नवरात्र के दौरान मां वैष्णो देवी के दरबार में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ धार्मिक आस्था की भव्य तस्वीर पेश कर रही है। भक्तों का उत्साह, यात्रा मार्ग पर उपलब्ध सुविधाएं और सुरक्षा के इंतजाम इस पावन यात्रा को यादगार बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।